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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की ग्रेजुएट इंजीनियर्स की याचिका, JE भर्ती में डिग्री नहीं, डिप्लोमा ही मान्य

सर्वोच्च न्यायालय ने जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए 'ग्रेजुएट इंजीनियरिंग स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन' की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन भर्तियों में न्यूनतम योग्यता के रूप में तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा निर्धारित है, वहां बीटेक (B.Tech) या अन्य इंजीनियरिंग डिग्रीधारक अभ्यर्थी स्वतः पात्र नहीं माने जा सकते।

Published: 12:14pm, 02 Jun 2026

सर्वोच्च न्यायालय ने जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए ‘ग्रेजुएट इंजीनियरिंग स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन’ की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन भर्तियों में न्यूनतम योग्यता के रूप में तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा निर्धारित है, वहां बीटेक (B.Tech) या अन्य इंजीनियरिंग डिग्रीधारक अभ्यर्थी स्वतः पात्र नहीं माने जा सकते।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डिप्लोमा और डिग्री दो अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं हैं। यदि किसी भर्ती विज्ञापन और सेवा नियमावली में केवल डिप्लोमा को अनिवार्य अर्हता के रूप में तय किया गया है, तो डिग्रीधारक उम्मीदवार उस पद पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकते।

अदालत का यह फैसला विभिन्न उच्च न्यायालयों के पूर्व निर्णयों के अनुरूप है। न्यायालय ने भर्ती नियमों की स्पष्टता और समान अवसर के सिद्धांत को महत्व देते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया उन्हीं नियमों के अनुसार होगी जो भर्ती के समय लागू हैं।

इस फैसले के बाद देशभर में उन भर्तियों पर असर पड़ सकता है, जहां जूनियर इंजीनियर पदों के लिए केवल डिप्लोमा योग्यता निर्धारित की गई है। इससे डिप्लोमा धारकों को राहत मिली है, जबकि डिग्रीधारकों की उम्मीदों को झटका लगा है।

YuvaSahakar Team

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