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एमबीबीएस छात्रों को बड़ी राहत देने की तैयारी, डिग्री पूरी करने के लिए मिलेंगे 10 साल

देश में मेडिकल शिक्षा की सर्वोच्च नियामक संस्था नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने एमबीबीएस छात्रों को बड़ी राहत देने की तैयारी की है। एनएमसी द्वारा जारी ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन (संशोधन) रेगुलेशन, 2026’ के मसौदे के अनुसार अब छात्रों को एमबीबीएस की पढ़ाई और अनिवार्य रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप पूरी करने के लिए अधिकतम 10 वर्ष का समय मिलेगा। वर्तमान में यह सीमा 9 वर्ष है, जिसे बढ़ाकर फिर से 10 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है।

Published: 15:20pm, 02 Jun 2026

देश में मेडिकल शिक्षा की सर्वोच्च नियामक संस्था नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने एमबीबीएस छात्रों को बड़ी राहत देने की तैयारी की है। एनएमसी द्वारा जारी ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन (संशोधन) रेगुलेशन, 2026’ के मसौदे के अनुसार अब छात्रों को एमबीबीएस की पढ़ाई और अनिवार्य रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप पूरी करने के लिए अधिकतम 10 वर्ष का समय मिलेगा। वर्तमान में यह सीमा 9 वर्ष है, जिसे बढ़ाकर फिर से 10 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है।

नए प्रस्ताव के तहत छात्र को 4.5 वर्ष की अकादमिक पढ़ाई और 1 वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप निर्धारित 10 वर्षों के भीतर पूरी करनी होगी। यह बदलाव उन छात्रों के लिए राहतभरा माना जा रहा है जिनकी पढ़ाई बीमारी, पारिवारिक समस्याओं या अन्य कारणों से बीच में प्रभावित हो जाती है।

हालांकि एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी वजह से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की परीक्षा से जुड़े नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। छात्रों को पहले वर्ष की परीक्षा पास करने के लिए अधिकतम चार अवसर ही मिलेंगे। यदि कोई छात्र चार प्रयासों में भी प्रथम वर्ष उत्तीर्ण नहीं कर पाता है, तो उसका प्रवेश रद्द कर दिया जाएगा।

ड्राफ्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 10 वर्ष की समय सीमा काउंसलिंग या प्रवेश पत्र जारी होने की तारीख से नहीं, बल्कि फर्स्ट एमबीबीएस की कक्षाओं में शामिल होने की तारीख से गिनी जाएगी।

मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन छात्रों के लिए फायदेमंद होगा जो किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या या व्यक्तिगत कारणों से पढ़ाई पूरी करने में देरी का सामना करते हैं। साथ ही यह इंटर्नशिप को अनावश्यक रूप से लंबा खींचने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाएगा।

एनएमसी ने इस प्रस्ताव पर मेडिकल कॉलेजों, छात्रों और अभिभावकों से सुझाव मांगे हैं। इच्छुक लोग 27 जून 2026 तक अपनी राय और आपत्तियां भेज सकते हैं। सुझावों की समीक्षा के बाद नियम को अंतिम रूप दिया जाएगा।

YuvaSahakar Team