रजत पाटीदार ने अपनी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को आईपीएल 2026 फाइनल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ अहमदाबाद में फाइनल जिताने के साथ खिताब बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई। रजत पाटीदार ने 2026 आईपीएल में 501 रन बनाए। रजत पाटीदार का 1 जून को 33 वां जन्मदिन है। इस लिहाज से उनके लिए आरसीबी के लिए अपनी कप्तानी में आईपीएल की यह खिताबी जीत बेहद खास रही।
आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा, ‘अपनी कप्तानी में आरसीबी को लगातार दूसरी बार आईपीएल खिताब जिताना शानदार है। जब हम गुजरात टाइटंस के खिलाफ अहमदाबाद में फाइनल में खेलने उतरे तो हमारे पास बीते बरस की कई खुशनुमा यादें थी। साथ ही हमें ध्यान आज पर देना था। मेरे पास जीत को बयां करने के लिए शब्द नहीं है लेकिन यह एक बेहतरीन अहसास है। मेरे लिए यह खिताबी जीत इसलिए भी अहम है कि 1 जून को मेरा जन्म दिन भी है। मेरे लिए जन्मदिन का इससे बेहतर तोहफा नहीं हो सकता है। मैं हमेशा वर्तमान में रहना पसंद करता हूं। हमने लगातार दूसरी बार आईपीएल खिताब जीता है। हम बेशक इस खिताबी जीत का जश्न मनाएंगे लेकिन हमारा ध्यान इस पर होगा कि हम तीसरी बार आईपीएल खिताब कैसे जीत सकते हैं। इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जब आप ट्रॉफियां जीतते हैं तो तब आप व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान नहीं देते हैं। इससे बड़ा और कुछ नहीं। जहां तक लगातार दो बार खिताब जीतने की तुलना की बात है तो बीते बरस हम पर बहुत दबाव था। इस साल मैं ज्यादा शांत था। 2026 आईपीएल में हमने पूरी तरह अपना दबदबा बनाए रखा। मुझे पूरा विश्वास था कि हम अगर इसी तरह खेलते रहे तो दूसरी बार खिताब जीत सकते हैं। बतौर कप्तान मैं बहुत खुलकर अपनी भावनाएं नहीं व्यक्त करता लेकिन मैं मैच के मिजाज से पूरी तरह वाकिफ रहता हूं। आपको बतौर कप्तान अपने साथी खिलाड़ियों और प्रबंधन से जिस समर्थन की जरूरत होती है, वह मुझे बराबर मिला। मुझे नहीं मालूम कि 2021 से पहले आरसीबी की टीम संस्कृति क्या थी लेकिन अब टीम की संस्कृति बदल गई है। जब मैं आरसीबी टीम से जुड़ा तो खिलाड़ियों की मानसिकता में बहुत बदलाव आया। खासतौर पर नए खिलाड़ी भी टीम का अहम हिस्सा हैं। कोचिंग स्टाफ टीम के हर खिलाड़ी से एक तरह का व्यवहार करता है और यह एक बड़ा बदलाव है। मैंने बतौर कप्तान और बल्लेबाज बहुत कुछ सीखा।’
रजत पाटीदार ने आरसीबी के गेंदबाजी कोच ओमकार साल्वी और कोच एंडी फ्लावर की भी बहुत सराहना की। पाटीदार ने कहा, ‘मैंने ओमकार साल्वी को अपने पहली रणजी (2015) सीजन से बतौर कोच देखा। साल्वी सर हर गेंदबाज से निजी तौर पर सीधे बात करते हैं। साल्वी सर ने आरसीबी के गेंदबाजी कोच के रूप में बहुत मेहनत की है। आप साल्वी सर को मीटिंग रूम की बजाय गेंदबाजों के साथ सीधे बतियाते देखेंगे। साथ ही एंडी फ्लावर भी आरसीबी के कोच के रूप में सभी खिलाड़ियों पर बहुत ध्यान देते हैं। मैंने अब तक पांच आईपीएल खेला और फ्लावर उनमें से एक सर्वश्रेष्ठ कोच है। वे टीम में खेल रहे खिलाड़ियों के साथ उन खिलाड़ियों पर भी पूरा ध्यान देते हैं जो नहीं खेल रहे होते। मैंने अब तक जिन भी कोच के मार्गदर्शन में खेला, फ्लावर उनमें से बेहतरीन कोच हैं।’
उन्होंने कहा, ‘जब हमने गुजरात टाइटंस के खिलाफ फाइनल में टॉस जीता तो मेरे जेहन में यह साफ था कि इस पिच पर लक्ष्य का पीछा करना आसान रहेगा। हमारी योजना गुजरात टाइटंस के शीर्ष तीन बल्लेबाजों को पॉवरप्ले के भीतर ही आउट करने की थी ताकि हमारी आगे की राह आसान हो जाए। हमारे गेंदबाजों ने इस फाइनल सहित पूरे टूर्नामेंट में शानदार गेंदबाजी की। सच कहूं तो मैंने कभी सपने भी नहीं सोचा था कि मैं आरसीबी का कप्तान बन उसे आईपीएल ट्रॉफी जिताऊंगा। मेरा मानना है कि यह खिताबी जीत मेरी तकदीर में लिखी थी और इसके लिए ईश्वर का आभारी हूं। बीते बरस हम पर बहुत दबाव था क्योंकि हमने पहली बार खिताब जीता था। मुझे लगता है कि इस आईपीएल में अपने प्रदर्शन के चलते विश्वास से लबरेज थे। हर कोई खुश दिख रहा था। यह देख अच्छा लगा कि हर जगह हमारे प्रशंसक हमारा साथ देते हैं। यह मैदान हमारे लिए घरेलू मैदान जैसा था।’
हमने यदि 180-190 रन बनाए होते तो यह बढ़िया फाइनल होता : शुभमन गिल
आरसीबी से फाइनल में हारने वाली गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने कहा, ‘हमने यदि 180-190 रन बनाए होते तो यह बढ़िया फाइनल होता। पिच दोहरे उछाल वाली थी। तेज गेंदबाजों के लिए पिच में कुछ मूवमेंट था। हमने शुरू में ही विकेट गंवा दिए और लय हासिल नहीं कर पाए। हमने ऐसा महसूस किया कि हम यदि पॉवरप्ले में ही आरसीबी के एक दो विकेट चटकाने में कामयाब रहे तो मैच में बने रहेंगे। हमने 15-20 रन ज्यादा दे दिए और आरसीबी ने पॉवरप्ले ठीक से निकाल लिया। हमारी पास टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ में से एक गेंदबाजी थी। हमने शुरू में दो मैच हारने के बाद शानदार वापसी की। हम बराबर अपना खेल बेहतर करते रहे। कुल मिलाकर अपनी टीम से बहुत खुश हूं। फाइनल न जीत पाने का बेशक मलाल है। हम यदि ट्रॉफी जीतते तो भी सुधारने के लिए बहुत कुछ होता।


