केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक न हो। इसके लिए परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं और अगली बार से कई प्रमुख परीक्षाएं कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएंगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हाल के वर्षों में कुछ परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को बढ़ाया है। सरकार इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली को बढ़ावा दे रही है। उनका मानना है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा से पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बनेगी।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्रों की निगरानी, डिजिटल सुरक्षा और डेटा प्रबंधन को भी मजबूत किया जाएगा। इससे किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। शिक्षा मंत्री ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत और योग्यता के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करना है, जिसमें निष्पक्षता, पारदर्शिता और तकनीकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो। इस कदम को देश की परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।


