उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते हुए युवाओं से महत्वपूर्ण अपील की। कार्यक्रम में केंद्र एवं राज्य स्तरीय बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 1682 छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छात्र अपने अभिभावकों पर स्मार्टफोन दिलाने का अनावश्यक दबाव न डालें। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़ने, अपने पाठ्यक्रम पर पूरा ध्यान देने और प्रतिदिन समाचार-पत्र पढ़ने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर न्यूनतम समय व्यतीत करें और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने नकल-विहीन परीक्षाएं कराने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में लगभग 56 लाख विद्यार्थी शामिल होते हैं। इन परीक्षाओं को 14 से 15 दिनों में संपन्न कराया जाता है और अगले 14 से 15 दिनों के भीतर परिणाम भी घोषित कर दिए जाते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संस्कृत के प्रसिद्ध वाक्य “सा विद्या या विमुक्तये” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति को हर प्रकार के बंधनों से मुक्त करने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के सामने मौजूद चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा दे।
मुख्यमंत्री ने सम्मानित छात्रों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया, ताकि वे प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।


