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जहाँ सहकारिता, वहाँ समृद्धि: बड़गांव की 62 साल पुरानी सहकारी समिति बनी किसानों की ताकत

पिछले वित्तीय वर्ष में समिति ने 9,72,253 रुपये का लाभ अर्जित किया, जिसमें से 1,05,472 रुपये की लाभांश राशि सदस्यों को वितरित की गई

Published: 13:19pm, 20 Jan 2026

हिमाचल प्रदेश के बड़गांव गाँव की कृषि सेवा सहकारी सभा समिति ने सहकारिता की ताकत से ग्रामीण विकास की एक मिसाल पेश की है। पिछले 62 वर्षों से यह समिति किसानों की तरक्की की मजबूत साथी बनी हुई है और आज “सहकार से समृद्धि” की भावना को जमीन पर साकार कर रही है।

समिति के प्रयासों से किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, पौध, उर्वरक, कीटनाशी व खरपतवारनाशी, स्प्रे पंप और अन्य कृषि यंत्र सुलभ दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही जमा व ऋण सुविधा, किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा सुविधा, कॉमन सर्विस सेंटर, PDS राशन आउटलेट और इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर जैसी सेवाओं ने ग्रामीण जीवन को आसान बनाया है।

आंकड़े भी समिति की सफलता की कहानी कहते हैं। समिति से जुड़े 1952 सदस्य आज सामूहिक ताकत के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में समिति ने 9,72,253 रुपये का लाभ अर्जित किया, जिसमें से 1,05,472 रुपये की लाभांश राशि सदस्यों को वितरित की गई। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित हुई है।

अब फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO) की नई पहल के साथ बड़गांव के किसानों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार, बेहतर पहचान और अधिक आमदनी के अवसर मिल रहे हैं। आधुनिक तकनीक, संगठित विपणन और सामूहिक निर्णयों ने किसानों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मज़बूती दी है।

बड़गांव की यह सफलता कहानी बताती है कि जब सहकारिता को सही दिशा, भरोसे और निरंतर प्रयास मिलते हैं, तो वह गाँवों में उम्मीद, सम्मान और समृद्धि लेकर आती है। यही है सहकार की असली ताकत—जो किसानों के भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाती है।

Diksha

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