उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित अपर निजी सचिव परीक्षा-2023 ने इतिहास रच दिया है। सकारात्मक नहीं, बल्कि नकारात्मक मामले में। इस परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद सभी को बड़ा झटका लगा है। परीक्षा के दूसरे चरण में शामिल हुए 4,240 अभ्यर्थियों में से एक भी उम्मीदवार अंतिम रूप से सफल नहीं हो सका। इसके कारण सभी 331 पद रिक्त रह गए हैं। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि अब इन पदों को भविष्य की भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
इस अप्रत्याशित परिणाम के पीछे परीक्षा के दूसरे चरण में निर्धारित कड़े मानकों को मुख्य कारण माना जा रहा है। अभ्यर्थियों के लिए हिंदी शॉर्टहैंड में न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट की गति हासिल करना अनिवार्य था। इस खंड के लिए 75 अंक निर्धारित थे, जबकि हिंदी टाइपिंग के लिए 25 अंक रखे गए थे। परीक्षा में शामिल कोई भी उम्मीदवार गति और शुद्धता के तय मानकों को पूरा नहीं कर सका, जिसके चलते किसी को भी अगले चरण के लिए योग्य नहीं घोषित किया गया।
यह परिणाम प्रतियोगी छात्रों के लिए चिंता का विषय है और साथ ही पारंपरिक शॉर्टहैंड कौशल के घटते स्तर तथा मूल्यांकन प्रणाली की कठिनाई पर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, यह परीक्षा भविष्य के अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख भी है। केवल लिखित परीक्षा की तैयारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि शॉर्टहैंड, टाइपिंग गति और शुद्धता जैसी व्यावहारिक दक्षताओं पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है। सफलता के लिए नियमित अभ्यास और कौशल विकास ही सबसे महत्वपूर्ण साबित होंगे।


