राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) ने लिनैक-एनसीडीसी (LINAC-NCDC) कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार सहकारिता विभाग के अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण सत्र आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सहकारी संस्थाओं की अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भागीदारी बढ़ाना और निर्यात के नए अवसरों की जानकारी प्रदान करना था।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों को भारत के सहकारी क्षेत्र की वैश्विक बाजारों में बढ़ती संभावनाओं से अवगत कराया गया। सहकारी समितियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने, सदस्यता विस्तार करने और टिकाऊ निर्यात आधारित व्यावसायिक मॉडल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि सहकारी संस्थाएं अपनी सामूहिक शक्ति का उपयोग करके बाजार तक पहुंच बढ़ा सकती हैं और किसानों तथा ग्रामीण उत्पादकों के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा कर सकती हैं। कृषि एवं उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इसके अलावा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने, बाजार संपर्क बढ़ाने और जमीनी स्तर के उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने के उपायों पर विचार किया गया।
प्रशिक्षण में सहकारी क्षेत्र के विकास के लिए संस्थागत समन्वय, पेशेवर दक्षता और निर्यात प्रक्रियाओं की जानकारी को महत्वपूर्ण बताया गया।
यह पहल सहकारिता विभाग के अधिकारियों और सहकारी संस्थाओं से जुड़े हितधारकों की क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
NCEL और BBSSL का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को वैश्विक व्यापार से जोड़कर किसानों, ग्रामीण उद्यमों और कृषि आधारित व्यवसायों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराना तथा देश के सहकारी क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी और सशक्त बनाना है।


