Trending News

एशियन गेम्स में भारत को चौथा मेडल, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में सुचिका को ब्रॉन्ज एशियन गेम्स 2026: शूटिंग में भारत को तीसरा मेडल, मेन्स 10 मीटर एयर राइफल टीम ने सिल्वर जीता दिल्ली हाईकोर्ट को मिले 7 नए जज, 50 हुई कार्यरत जजों की संख्या MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: 7,500 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, ऑनलाइन आवेदन 22 सितंबर 2026 से शुरू राजस्थान निकाय चुनाव: आज 273 निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष के चुनाव होंगे एशियन गेम्स में भारत को चौथा मेडल, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में सुचिका को ब्रॉन्ज एशियन गेम्स 2026: शूटिंग में भारत को तीसरा मेडल, मेन्स 10 मीटर एयर राइफल टीम ने सिल्वर जीता दिल्ली हाईकोर्ट को मिले 7 नए जज, 50 हुई कार्यरत जजों की संख्या MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: 7,500 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, ऑनलाइन आवेदन 22 सितंबर 2026 से शुरू राजस्थान निकाय चुनाव: आज 273 निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष के चुनाव होंगे

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बैठक आयोजित

बैठक में आवश्यकता-आधारित अनुसंधान, बेहतर खेती एवं प्रसंस्करण तकनीक, ग्रेडिंग, सुखाने, पॉपिंग और पैकेजिंग के लिए आधारभूत ढांचे के विकास, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क और निर्यात की तैयारी पर विशेष बल दिया गया

Published: 16:01pm, 15 Dec 2025

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बोर्ड बैठक कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने की। इस बैठक के साथ मखाना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 476 करोड़ रुपये की केंद्रीय क्षेत्र योजना के औपचारिक क्रियान्वयन की शुरुआत हुई।

बैठक में राज्यों और अनुसंधान संस्थानों द्वारा प्रस्तुत वार्षिक कार्य योजनाओं की समीक्षा की गई तथा विभिन्न प्रमुख विकासात्मक घटकों के लिए बजट आवंटन को मंजूरी दी गई।

बोर्ड ने राज्यों से बीज आवश्यकता का समेकन करने पर जोर दिया, जिसे बिहार स्थित राज्य कृषि विश्वविद्यालय, सबौर और केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, समस्तीपुर के माध्यम से पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही यह निर्णय लिया गया कि सबौर कृषि विश्वविद्यालय, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय और एनआरसी मखाना, दरभंगा, विभिन्न राज्यों से मास्टर ट्रेनर्स को मखाना मूल्य श्रृंखला से जुड़ी उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे, ताकि पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों क्षेत्रों में मखाना की खेती को बढ़ावा दिया जा सके।

बैठक में आवश्यकता-आधारित अनुसंधान, बेहतर खेती एवं प्रसंस्करण तकनीक, ग्रेडिंग, सुखाने, पॉपिंग और पैकेजिंग के लिए आधारभूत ढांचे के विकास, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क और निर्यात की तैयारी पर विशेष बल दिया गया।

इस बैठक के माध्यम से मखाना क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए एक समन्वित, वैज्ञानिक और बाजार-उन्मुख कार्ययोजना तैयार की गई।

Diksha

Recent Post