बिहार सरकार बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना (SHA Scheme) चला रही है। योजना के तहत पात्र 12वीं पास या स्नातक बेरोजगार युवाओं को दो वर्ष तक हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य नौकरी की तलाश के दौरान युवाओं को आर्थिक सहयोग देना है।
योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। होमपेज पर New Applicant Registration विकल्प चुनकर नाम, ईमेल आईडी, आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल और ईमेल पर प्राप्त OTP से सत्यापन करना होगा। रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा।
इसके बाद पोर्टल पर लॉगिन कर उपलब्ध योजनाओं में से SHA यानी स्वयं सहायता भत्ता योजना का चयन करना होगा। आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, पता और बैंक खाते से संबंधित विवरण भरना होगा। सभी जानकारियों को Preview में जांचने के बाद आवेदन Submit किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने पर आवेदक को यूनिक पंजीकरण संख्या के साथ पावती मोबाइल नंबर और ईमेल पर प्राप्त होगी। इसके बाद आवेदक को निर्धारित जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) जाकर आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता की जांच के बाद योजना के तहत सहायता प्रदान की जाती है।
अब सरकार अगले वर्ष से प्रमंडल के साथ ही सभी जिलों में जॉब फेयर लगाएगी। अगले 5 वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देगी। युवाओं को आजीविका के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बिहार में महज 5 रुपए में पॉलीटेक्निक और 10 रुपए में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। साथ ही युवाओं को मुफ्त लैंग्वेज क्लासेस दी जा रही है, जिससे विदेशों में रोजगार पाना आसान होगा। ये बातें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना मेगा जॉब फेयर के समापन समारोह में कहीं। इस मेले में 20,226 युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। इनमें से 3,940 को बिहार में और 476 युवाओं को विदेशों में नौकरी मिली है। 36 दिव्यांगों को भी रोजगार मिला है।
सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 1.81 करोड़ बहनों के खातों में 10-10 हजार रुपए दिए गए हैं। बिहार कौशल विकास मिशन के तहत अब तक 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 120 लाख युवाओं को प्रमाण पत्र मिला है।


