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केला किसान ने बनाया ‘बनाना पाउडर’, खूब आ रहा है पसंद

"बनानीफाय" ब्रांड के उत्पाद मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली जैसे राज्यों में भेजे जा रहे है। इसके 250 ग्राम पैक की कीमत 280 रुपये है और 500 ग्राम पैकेट की कीमत 480 रुपये है।

Published: 07:00am, 20 Dec 2024

मध्यप्रदेश का एक छोटा-सा जिला बुरहानपुर अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ केले की खेती के लिए भी मशहूर है। बुरहानपुर के केले कई शहरों में सप्लारई होते हैं, जिले में बड़े पैमाने पर केले की खेती और उत्पाहदन के चलते इसे यहां का एक जिला-एक उत्पा-द घोषित किया गया है। अब बुरहानपुर जिला “एक जिला-एक उत्पाद” पहल के तहत सफलता के नये आयाम गढ़ रहा है। इस पहल के तहत केले उगाने वाले किसानों की आय बढ़ा रही है और जिले में एक नई उद्यम क्रांति भी शुरू हो गई है।

बुरहानपुर में कुछ समय पहले “बनाना फेस्टिवल” का आयोजन हुआ था। इसमें यहां के उद्यमी और केला किसान शामिल हुए। इनके बीच हुए संवाद का नतीजा अब जमीनी स्तर पर नजर आने लगा है। कई केला किसान भी अब न सिर्फ केले (फल) से, बल्कि केले के पेड़ का उपयोग कर इसके रेशे से भी उत्पाकद बनाकर बाजार में बेच रहे हैं। ऐसी ही एक कहानी बुरहानपुर के उद्यमी रितेश अग्रवाल की उभरकर सामने आई है। केला किसान रितेश ने बनाना पाउडर तैयार करने की यूनिट लगाई है, जिसे बाजार में काफी पसंद किया जा रहा है।

यूनिट में बन रहे तीन प्रकार के पाउडर

युवा उद्यमी रितेश ने बताया कि उन्होंने “बनाना पाउडर” बनाने की यूनिट शुरू की है। वे इस यूनिट को जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग की मदद से खकनार के धाबा गांव में चला रहे हैं। वे “बनानीफाय” ब्रांड के नाम से पौष्टिक पाउडर बना रहे हैं, जो बच्चों और बड़ों सभी के लिए ऊर्जा और सेहत के लिहाज से फायदेमंद है। रितेश अपनी यूनिट में केले से तीन प्रकार के पाउडर बना रहे हैं।

• पहला पाउडर खाने योग्य है। इसे केले के गूदे से बनाया जाता है. यह शुद्ध और बेहद उच्च गुणवत्ता वाला है होता है।

• दूसरा पाउडर- सादा पाउडर है, जो केले के छिलके सहित प्रोसेस करके बनाया जाता है। यह भी खाने योग्य है और इसमें फाइबर प्रचुर मात्रा में मौजूद है।

• तीसरा पाउडर सिर्फ केले के छिलके से बनाया जाता है। इस पाउडर का इस्ते माल खाद (मैन्योर) के लिए किया जाता है. यह सभी प्रकार की फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में सक्षम बताया जाता है।

सरकार ने दी 10 लाख रुपये की सब्सि‍डी

इस यूनि‍ट को लगाने में 75 लाख रुपये की पूंजी लगी है, जिसमें “प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना” के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है। यूनिट में अहमदाबाद से लाई गई आधुनिक मशीनों का इस्तेेमाल किया जा रहा है। इनसे उत्पादन प्रक्रिया तेज और आसान हुई है।

इन राज्यों में बिक रहा पाउडर

“बनानीफाय” ब्रांड के उत्पाद मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली जैसे राज्यों में भेजे जा रहे है। इसके 250 ग्राम पैक की कीमत 280 रुपये है और 500 ग्राम पैकेट की कीमत 480 रुपये है। यूनिट में केले के छिलकों को वेस्ट के रूप में न फेंककर छिलकों से पाउडर बनाकर नर्सरियों और उद्यानिकी फसलों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

YuvaSahakar Desk