शहरी सहकारी बैंकों के लिए राष्ट्रीय स्तर की अम्ब्रेला संस्था National Urban Co-operative Finance and Development Corporation Limited (NUCFDC) ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹3.12 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। इससे एक साल पहले संस्था को ₹92 लाख का शुद्ध घाटा हुआ था।
कंपनी की FY26 Directors’ Report के अनुसार, कुल आय बढ़कर ₹14.73 करोड़ हो गई, जो पिछले वर्ष ₹7.39 करोड़ थी। यह लगभग 99.2% की वृद्धि है। ऑपरेशंस से आय भी ₹7.32 करोड़ से बढ़कर ₹14.69 करोड़ हो गई।
NUCFDC का पूंजी आधार भी तेजी से मजबूत हुआ। 31 मार्च 2026 तक paid-up equity share capital बढ़कर ₹300.96 करोड़ पहुंच गया, जबकि एक वर्ष पहले यह ₹117.95 करोड़ था। कुल परिसंपत्तियां भी ₹136.81 करोड़ से बढ़कर ₹305.86 करोड़ हो गईं।
संस्था ने इस दौरान शहरी सहकारी बैंकों के लिए साझा तकनीकी और डिजिटल ढांचा तैयार करने की दिशा में कई पहलें आगे बढ़ाईं। इनमें Sahakar CBS के लिए Core Banking Solution providers का empanelment, Sahakar DigiPay और Sahakar DigiLoan की शुरुआत शामिल है।
NUCFDC ने CSC e-Governance Services India Limited के साथ सहयोग किया और IIMA Ventures के साथ Bharat COOPATHON 2025 शुरू किया। इसके अलावा RBI के साथ Mission Saksham नामक क्षमता निर्माण कार्यक्रम पर भी काम शुरू किया गया, जिसे Sahakar Paathshaala प्लेटफॉर्म के जरिए लागू करने की योजना है।
आगे संस्था छोटे UCBs के लिए साझा cybersecurity infrastructure, cloud hosting, digital banking solutions और professional support उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। NUCFDC ने Self-Regulatory Organisation (SRO) का दर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में इसकी संस्थागत भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है।


