गुजरात के पूर्व मंत्री कांतिभाई गामित को सूरत-तापी जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (Sumul Dairy) का नया चेयरमैन चुना गया है। नई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के गठन के बाद सूरत जिले की पलसाना तहसील के डाभा से भरतसिंह सोलंकी को वाइस चेयरमैन चुना गया। इस बदलाव के साथ सुमुल डेयरी में नए नेतृत्व का दौर शुरू हुआ है।
सुमुल डेयरी सूरत और तापी जिलों में बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादकों और गांव स्तर की दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़ी प्रमुख सहकारी संस्था है। नए नेतृत्व को लेकर क्षेत्र के दूध उत्पादकों, सहकारी समितियों और अन्य हितधारकों में विशेष रुचि देखी जा रही है।
चेयरमैन के रूप में कांतिभाई गामित से सहकारी नेटवर्क को और मजबूत करने, दूध संग्रह व्यवस्था में सुधार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक हितों को मजबूत करने पर ध्यान देने की अपेक्षा है। इसके साथ ही आधुनिक डेयरी तकनीक, बेहतर प्रबंधन और सतत विकास से जुड़े प्रयासों को भी आगे बढ़ाया जा सकता है।
सुमुल डेयरी पहले से ही ग्रामीण सहकारी ढांचे को मजबूत करने के लिए नई तकनीक और टिकाऊ ऊर्जा मॉडल पर काम कर रही है। सितंबर 2026 तक डेयरी ने सूरत और तापी जिलों की गांव स्तरीय दुग्ध सहकारी समितियों में 173 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए हैं, जिनकी कुल क्षमता 2.9 मेगावाट है। इनसे दूध संग्रह और चिलिंग व्यवस्था में ऊर्जा लागत कम करने में मदद मिल रही है।
कांतिभाई गामित और भरतसिंह सोलंकी के नेतृत्व में अब सुमुल डेयरी के सामने दुग्ध उत्पादन, खरीद नेटवर्क, तकनीकी आधुनिकीकरण और किसान आय बढ़ाने से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।


