Mahakumbh Stampede: भगदड़ से 30 श्रद्धालुओं की मौत, 60 घायल

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या से ठीक पहले मची भगदड़ में 17 से ज्यादा श्रद्धालुओं के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने की खबर है। इसे देखते हुए प्रयागराज आने वाली दर्जनों स्पेशल ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। साथ ही, विभिन्न अखाड़ों के अमृत स्नान के समय में तब्दीली कर दी गई है। इस दौरान अखाड़ों ने शोभा यात्रा नहीं निकालने और साधु-संतों की संख्या सीमित रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दुखद घटना पर नजर बनाए हुए हैं। वे लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपडेट ले रहे हैं।  

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और पीड़ितों को संगम क्षेत्र में बने अस्थायी अस्पताल ले जाया गया।


Published: 10:00am, 30 Jan 2025

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, जबकि 60 श्रद्धालु घायल हुए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से ये आंकड़े जारी किए गए हैं। सनातन धर्म के सबसे बड़े समागम महाकुंभ में हुई इस भयावह घटना के बाद पूरा देश गमगीन है और मृतकों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि समर्पित कर रहा है।

महाकुंभ मेले के अधिकारी और कुंभ डीआईजी वैभव कृष्ण ने को भगदड़ को लेकर बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस की और भगदड़ में हुए हादसे की जानकारी देने के साथ ही मृतकों और घायलों के आधिकारिक आंकड़े भी जारी किए। महाकुंभ अधिकारियों ने बताया कि महाकुंभ भगदड़ हादसे में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 60 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

भगदड़ के दौरान घायल हुए लोगों को शहर के अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई लोगों को मेडिकल कॉलेज में भी भर्ती कराया गया है। भगदड़ में मरने वालों में से 25 शवों की पहचान हो गई है। पांच की पहचान नहीं हो पाई है, जिसके लिए 1920 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसके बाद मीडिया से बात की और महाकुंभ में हुए हादसे की जानकारी साझा की। इस दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ रो पड़े। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिजनों को 25-25 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। इसके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन की भी घोषणा की जो एक तय समय सीमा में जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगा।

क्यों हुआ हादसा ?

मेला अधिकारियों ने बताया कि मौनी अमावस्या के ब्रह्म मुहूर्त के समय लोगों की भारी भीड़ का दबाव बना था। मेला क्षेत्र में भारी भीड़ के दबाव के कारण अखाड़ा मार्ग पर कई बैरिगेट्स टूट गए. दूसरी ओर स्नान के लिए लोग बैठे हुए थे, जिनको भीड़ ने कुचलना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया. इसकी मदद से लगभग 90 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्भाग्य से, उनमें से 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 36 घायल अभी भर्ती हैं. बाकी घायलों को उनके परिजन लेकर चले गए हैं।

YuvaSahakar Team

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