केंद्र सरकार देश की युवा आबादी को बैंकिंग सेक्टर से जोड़ने के लिए आगामी 2 अक्टूबर से ‘बैंकिंग फॉर यूथ’ अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह अभियान एक महीने या उससे अधिक समय तक चल सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी सरकारी बैंकों और सरकारी वित्तीय संस्थानों को युवाओं के लिए बैंकिंग सेवाओं को अधिक सरल, आकर्षक और सुलभ बनाने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के तहत सरकारी बैंक युवा कियोस्क और युवा बैंकिंग मित्र तैयार करेंगे, जो युवाओं को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान और वित्तीय जानकारी से परिचित कराएंगे। यूपीआई भुगतान और अन्य बैंकिंग सेवाओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को योग व फिटनेस सेंटर सहित विभिन्न स्थानों पर इस्तेमाल किए जा सकने वाले कूपन और डिस्काउंट वाउचर भी दिए जा सकते हैं।
बैंक युवाओं से करियर और कैंपस स्तर पर जुड़ने के लिए विशेष पोर्टल विकसित करेंगे। इन पोर्टलों के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं, नजदीकी बैंक शाखा और बिना शुल्क वाले बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट की जानकारी उपलब्ध होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी देश की आबादी में लगभग 29 प्रतिशत है। उन्होंने सरकारी बैंकों को निजी बैंकों की ओर युवाओं के बढ़ते आकर्षण पर भी ध्यान देने और 24 घंटे आसान बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही युवाओं को क्रेडिट स्कोर और बेहतर क्रेडिट इतिहास के फायदे समझाने पर जोर दिया गया।
वित्त मंत्री ने कृषि क्षेत्र में ऋण बढ़ाने की भी सलाह दी। विशेष रूप से प्रोसेस्ड फूड इंडस्ट्री, छोटे और गरीब किसानों तथा पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए अधिक ऋण उपलब्ध कराने को कहा गया। उनका जोर केवल ऋण वितरण पर नहीं, बल्कि लक्षित वित्तपोषण के जरिए कृषि उत्पादकता, नई फसलों और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर रहा।


