चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स अब पेट्रोल पंपों की कार्यप्रणाली भी बदलने लगे हैं। झेंग्झौ और शंघाई जैसे शहरों में कुछ पेट्रोल स्टेशनों पर ऐसे स्मार्ट रोबोटिक फ्यूलिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जो बिना कर्मचारी की सीधी मदद के वाहन में ईंधन भर सकते हैं। इस तकनीक को पेट्रोल पंप सेवाओं को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयोग माना जा रहा है।
इन सिस्टम में AI विजुअल रिकग्निशन, सेंसर और हाई-प्रिसिजन रोबोटिक आर्म का इस्तेमाल किया जाता है। वाहन के निर्धारित स्थान पर पहुंचते ही सिस्टम फ्यूल टैंक की स्थिति पहचानता है। इसके बाद रोबोटिक आर्म टैंक का ढक्कन खोलता है, सही फ्यूल नोजल चुनता है और उसे वाहन में लगाकर ईंधन भरना शुरू कर देता है। फ्यूलिंग पूरी होने के बाद नोजल वापस रखा जाता है और टैंक का ढक्कन भी बंद कर दिया जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार, झेंग्झौ में इस्तेमाल की जा रही यह तकनीक पूरी प्रक्रिया को लगभग दो मिनट में पूरा कर सकती है। सिस्टम को अलग-अलग प्रकार और मॉडल के वाहनों के फ्यूल पोर्ट पहचानने के लिए तैयार किया गया है।
शंघाई में भी स्मार्ट रोबोटिक फ्यूलिंग सुविधा का प्रयोग किया जा रहा है, जहां ग्राहक मोबाइल के माध्यम से सेवा शुरू कर सकते हैं। इसके बाद अधिकांश फ्यूलिंग प्रक्रिया स्वचालित तरीके से पूरी होती है।
इस तकनीक का उद्देश्य केवल समय बचाना नहीं, बल्कि मानवीय त्रुटियों को कम करना, पेट्रोल पंप कर्मचारियों का कार्यभार घटाना और ईंधन भरने की प्रक्रिया को अधिक मानकीकृत बनाना भी है।
हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि चीन के बड़े शहरों में सभी पेट्रोल पंप पूरी तरह मानव-रहित हो गए हैं। फिलहाल ऐसे सिस्टम चुनिंदा पेट्रोल स्टेशनों पर प्रयोग और विस्तार के चरण में हैं, लेकिन यह भविष्य के ऑटोमेटेड पेट्रोल पंपों की दिशा जरूर दिखाता है।


