स्पेस गार्डन की ओर बढ़ा NASA, ISS पर सफल हुआ केल और सरसों का प्रयोग

हॉलीवुड की मशहूर साइंस-फिक्शन फिल्म ‘द मार्शियन’ में अंतरिक्ष यात्री मार्क वॉटनी मंगल ग्रह पर फंसने के बाद जीवित रहने के लिए आलू उगाता है।

Space Farming Success: Kale and Mustard Greens Thrive Aboard the ISS


Published: 14:07pm, 19 Aug 2026

हॉलीवुड की मशहूर साइंस-फिक्शन फिल्म ‘द मार्शियन’ में अंतरिक्ष यात्री मार्क वॉटनी मंगल ग्रह पर फंसने के बाद जीवित रहने के लिए आलू उगाता है। अब अंतरिक्ष में खेती का ऐसा ही प्रयोग वास्तविकता में भी आगे बढ़ रहा है। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन यानी ISS पर अंतरिक्ष यात्रियों ने केल और सरसों जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां उगाईं और उनका स्वाद भी चखा। इस प्रयोग में भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन भी शामिल रहे।

एक महीने से ज्यादा चली पौधों की देखभाल

ISS पर अंतरिक्ष यात्रियों ने एक महीने से अधिक समय तक इन पौधों की देखभाल की। फसल तैयार होने के बाद पत्तियां काटी गईं और अंतरिक्ष यात्रियों ने उन्हें खाया। अनिल मेनन के लिए यह अनुभव खास था, क्योंकि अंतरिक्ष में लंबे समय तक पैक और प्रोसेस्ड भोजन के बीच खुद उगाई गई ताजी पत्तेदार सब्जियां खाना एक अलग अनुभव देता है। उन्होंने इस उपलब्धि को मजाकिया अंदाज में ‘द मार्शियन’ से जोड़ते हुए फिल्म के किरदार मार्क वॉटनी को भी याद किया।

अंतरिक्ष में खेती आसान नहीं

पृथ्वी की तुलना में अंतरिक्ष में पौधे उगाना कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। माइक्रोग्रैविटी के कारण पानी मिट्टी में सामान्य तरीके से नीचे नहीं जाता और जड़ों तक नमी पहुंचाना कठिन हो सकता है। पौधों की जड़ों और तनों को पृथ्वी जैसा गुरुत्वाकर्षण संकेत भी नहीं मिलता। ऐसे में प्रकाश, पानी और पोषक तत्वों की मात्रा को बेहद सावधानी से नियंत्रित करना पड़ता है।

ISS में जगह भी सीमित है और हर बूंद पानी तथा बिजली महत्वपूर्ण संसाधन हैं। ज्यादा पानी देने पर जड़ों के आसपास नमी जमा हो सकती है, जबकि कम पानी पौधे को सुखा सकता है। फफूंद और सूक्ष्मजीवों से पौधों को बचाना भी जरूरी होता है, क्योंकि बंद अंतरिक्ष स्टेशन में संक्रमण फैलने का जोखिम नहीं लिया जा सकता।

मिट्टी नहीं, ‘सीड पिलो’ में खेती

NASA के Vegetable Production System (Veggie) में सामान्य खेत की मिट्टी के बजाय विशेष सीड पिलो इस्तेमाल किए जाते हैं। इनमें बीज के साथ पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। लाल और नीली LED लाइटें पौधों को प्रकाश संश्लेषण में मदद करती हैं, जबकि पानी नियंत्रित मात्रा में दिया जाता है।

भविष्य के चंद्र और मंगल मिशनों के लिए बड़ी उम्मीद

ऐसे प्रयोग भविष्य की लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के लिए बेहद अहम हैं। ताजी सब्जियां अंतरिक्ष यात्रियों को जरूरी विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट दे सकती हैं। पौधों की देखभाल मानसिक तनाव कम करने और पृथ्वी से जुड़ाव महसूस कराने में भी सहायक हो सकती है।

इसके अलावा पौधे कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं। यही कारण है कि भविष्य में चंद्रमा और मंगल पर मानव मिशनों के दौरान छोटे स्पेस गार्डन केवल भोजन का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन-समर्थन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा भी बन सकते हैं। अनिल मेनन और उनके साथियों का यह अनुभव दिखाता है कि अंतरिक्ष में खेती अब सिर्फ साइंस-फिक्शन की कल्पना नहीं, बल्कि भविष्य की अंतरिक्ष यात्राओं की जरूरत बनती जा रही है।

YuvaSahakar Team