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शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ पर कानूनी शिकंजा, गुटखा विज्ञापन मामले में नोटिस

इससे पहले भी कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य संगठनों ने बॉलीवुड सितारों द्वारा तंबाकू उत्पादों का प्रचार करने पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन विज्ञापनों का युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो इन सितारों को अपना आदर्श मानते हैं।

इस मामले को लेकर अभी तक शाहरुख खान, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ या विमल पान मसाला कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


Published: 17:46pm, 27 Feb 2025

गुटखा और पान मसाला के विज्ञापनों को लेकर बॉलीवुड की मशहूर हस्तियों पर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। राजस्थान के कोटा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने हाल ही में सुपरस्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही, विमल पान मसाला के निर्माताओं को भी उपभोक्ता अदालत में तलब किया गया है। यह कदम इन उत्पादों के प्रचार को लेकर बढ़ते विवादों के बीच उठाया गया है, जिसने जनता और विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी है।

यह मामला भाजपा नेता और अधिवक्ता इंद्रमोहन सिंह हनी ने दायर किया है। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि ये फिल्मी सितारे विमल पान मसाला का प्रचार करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उनका कहना है कि विज्ञापनों में “केसर” होने का दावा किया जाता है, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया जाता। उन्होंने यह भी बताया कि गुटखा और पान मसाला के पैकेट पर दी गई स्वास्थ्य चेतावनियाँ इतने छोटे अक्षरों में लिखी होती हैं कि आम उपभोक्ता उन्हें आसानी से पढ़ नहीं पाते। यह उपभोक्ताओं के साथ एक तरह का छलावा है, जो उनकी सेहत को खतरे में डालता है।

इंद्रमोहन सिंह हनी ने सीनियर अधिवक्ता विवेक नंदवाना के माध्यम से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 89 के तहत यह शिकायत दर्ज की। याचिका में कहा गया कि इन विज्ञापनों से युवा पीढ़ी विशेष रूप से प्रभावित और भ्रमित हो रही है। उनका तर्क है कि बाजार में केसर की कीमत लाखों रुपये प्रति किलो है, जबकि पान मसाला बेहद कम कीमत पर बिकता है। ऐसे में “केसर” की मौजूदगी का दावा पूरी तरह से भ्रामक लगता है। उन्होंने कोर्ट से अपील की कि इन विज्ञापनों पर रोक लगाई जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष अनुराग गौतम और सदस्य वीरेंद्र सिंह रावत ने इस मामले को गंभीरता से लिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, आयोग ने शाहरुख खान, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ और विमल पान मसाला कंपनी को नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख तय की गई है, जब इन सभी को कोर्ट में पेश होना होगा। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।

गुटखा और पान मसाला विज्ञापनों को लेकर यह कोई पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य संगठनों ने बॉलीवुड सितारों द्वारा तंबाकू उत्पादों का प्रचार करने पर सवाल उठाए हैं। सरकार ने तंबाकू और संबंधित उत्पादों के विज्ञापन पर सख्त नियम बनाए हैं, लेकिन मशहूर हस्तियों द्वारा इनका समर्थन करना चिंता का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन विज्ञापनों का युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो इन सितारों को अपना आदर्श मानते हैं।

इंद्रमोहन सिंह हनी ने कहा, “फिल्मी सितारे जनता के लिए रोल मॉडल होते हैं। अगर वे गुटखा और पान मसाला जैसे हानिकारक उत्पादों का प्रचार करेंगे, तो युवाओं पर इसका गलत असर पड़ेगा। इन सितारों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। हमारा उद्देश्य सिर्फ विज्ञापन बंद करना नहीं, बल्कि भ्रामक प्रचार को रोकना भी है।”

अब तक शाहरुख खान, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ या विमल पान मसाला कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सभी की निगाहें 21 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं, जब यह देखना रोचक होगा कि ये सितारे और कंपनी कोर्ट में अपना पक्ष कैसे रखते हैं। यह मामला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में सेलिब्रिटी प्रभाव और उनकी जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाता है।

YuvaSahakar Desk