मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल यश यादव को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 21 जून को होने वाली NEET 2026 री-एग्जाम में शामिल होने की विशेष अनुमति दे दी है। हालांकि, अदालत ने उसकी अंतरिम जमानत या रिहाई की मांग को खारिज कर दिया। इसके बावजूद कोर्ट ने यह राहत दी कि वह न्यायिक हिरासत में रहते हुए परीक्षा दे सकेगा।
विशेष जज विशाल गोगने ने यश यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि उसे पुलिस सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्र ले जाया जाए और परीक्षा समाप्त होने के बाद वापस हिरासत में लाया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में शामिल होना आरोपी का शैक्षणिक अधिकार है, जिसे केवल आरोपों के आधार पर पूरी तरह रोका नहीं जा सकता।
इस फैसले के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है, क्योंकि यश यादव का नाम देशभर में सुर्खियों में रहे NEET पेपर लीक प्रकरण से जुड़ा हुआ है। कोर्ट के इस आदेश को कानूनी और शैक्षणिक अधिकारों के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। जांच एजेंसियां मामले की जांच जारी रखे हुए हैं और आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहेगा।


