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15 मिनट पढ़िए और कमाइए कॉइन, भारत के लिए भी दिलचस्प आइडिया

भारत में मोबाइल फोन अब सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं रहा, बच्चे, युवा और बड़े सभी रोज घंटों रील्स, शॉर्ट वीडियो और सोशल मीडिया पर बिताते हैं

Singapore Rewards Reading, Could India Follow the Idea?


Published: 15:40pm, 16 Sep 2026

भारत में मोबाइल फोन अब सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं रहा। बच्चे, युवा और बड़े सभी रोज घंटों रील्स, शॉर्ट वीडियो और सोशल मीडिया पर बिताते हैं। ऐसे दौर में अगर किताब पढ़ने पर रिवॉर्ड मिलने लगे तो क्या लोगों की आदत बदल सकती है?

सिंगापुर ने इसी दिशा में एक दिलचस्प प्रयोग शुरू किया है। वहां सितंबर 2026 में नेशनल रीडिंग मंथ के तहत लोगों को नियमित पढ़ने के लिए वर्चुअल कॉइन देने की योजना है। रोज कम से कम 15 मिनट पढ़ने पर 20 कॉइन मिलेंगे। 1,000 कॉइन पूरे होने पर उन्हें 1 सिंगापुर डॉलर में बदला जा सकेगा।

राशि भले छोटी हो लेकिन इसका मकसद बड़ा है। लोगों को मोबाइल स्क्रीन से कुछ समय दूर कर किताबों की ओर वापस लाना।

भारत में भी ऐसा मॉडल काफी उपयोगी हो सकता है। स्कूलों और कॉलेजों में छात्र किताब पढ़कर डिजिटल पॉइंट कमा सकते हैं। इन पॉइंट्स को बुक वाउचर, लाइब्रेरी सुविधाओं, शैक्षणिक सामग्री या प्रतियोगिताओं में विशेष लाभ से जोड़ा जा सकता है। सार्वजनिक पुस्तकालय और पंचायत स्तर के रीडिंग सेंटर भी इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।

भारत में यह विचार इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शॉर्ट वीडियो बेहद लोकप्रिय हो चुके हैं। Meta के एक सर्वे में 95 प्रतिशत प्रतिभागियों ने रोज रील्स देखने की बात कही थी। कुछ सेकंड के लगातार बदलते कंटेंट के बीच लंबे समय तक एक किताब पर ध्यान टिकाना चुनौती बनता जा रहा है।

ऐसे में भारत में Read and Reward अभियान केवल पढ़ने की आदत बढ़ाने का तरीका नहीं होगा। यह बच्चों और युवाओं को स्क्रीन से थोड़ा दूर करने, एकाग्रता बढ़ाने और पुस्तकालयों को फिर से सक्रिय बनाने का माध्यम भी बन सकता है।

सिंगापुर का प्रयोग एक सवाल जरूर छोड़ता है: क्या भारत में भी रील्स के बदले किताबों को रिवॉर्ड से जोड़ा जाना चाहिए?

Jitendra