नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पूर्व सचिव और अनुभवी सिविल सेवक खरोला एक बार फिर एयर इंडिया से जुड़ने जा रहे हैं। वह टाटा समूह के स्वामित्व वाली इस एयरलाइन में चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और मौजूदा नेतृत्व टीम के साथ मिलकर काम करेंगे।
एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने आंतरिक घोषणा में कहा कि कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी के दौरान खरोला का अनुभव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा, “मेरा कार्यकाल अपने अंतिम महीनों में है, ऐसे में नए सीईओ को सुचारू रूप से नेतृत्व हस्तांतरण सुनिश्चित करने में उनका अनुभव अमूल्य होगा।”
खरोला इससे पहले एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रह चुके हैं और बाद में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। उनका कार्यकाल उस अवधि के दौरान रहा जब सरकार एयर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही थी।
उनकी यह वापसी ऐसे समय में हो रही है जब एयर इंडिया में नए सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इस दौड़ में मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी निपुण अग्रवाल और विस्तारा के पूर्व सीईओ एवं सिंगापुर एयरलाइंस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कन्नन जैसे नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में सामने आ रहे हैं।
एयरलाइन इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद का प्रभाव, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न वित्तीय दबाव, और पाकिस्तान द्वारा भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद रखने जैसे मुद्दे शामिल हैं।


