Trending News

एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, गोवा में ली अंतिम सांस आरबीआई ने चार साल बाद बढ़ाई ब्याज दर, रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.5 % हुई, सभी तरह के लोन होंगे महंगे लियोनेल मेसी का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास स्मृति मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान बनीं एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, गोवा में ली अंतिम सांस आरबीआई ने चार साल बाद बढ़ाई ब्याज दर, रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.5 % हुई, सभी तरह के लोन होंगे महंगे लियोनेल मेसी का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास स्मृति मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान बनीं

शहरी सहकारी बैंकों के विस्तार की राह आसान, बिना पूर्व मंजूरी खुल सकेंगी नई शाखाएं

देश के शहरी सहकारी बैंकों के लिए विस्तार की राह अब पहले से आसान हो गई है

New Rules Ease Scheduled Status Path for Eligible UCBs


Published: 16:25pm, 16 Sep 2026

देश के शहरी सहकारी बैंकों के लिए विस्तार की राह अब पहले से आसान हो गई है। नई व्यवस्था के तहत पात्र शहरी सहकारी बैंक अब हर नई शाखा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्व अनुमति का इंतजार किए बिना अपना नेटवर्क बढ़ा सकेंगे। यह जानकारी सहकारिता मंत्रालय ने दी है।

बैंक पिछले वित्त वर्ष में मौजूद अपनी कुल शाखाओं की संख्या के 15 प्रतिशत तक नई शाखाएं खोल सकेंगे। हालांकि एक वित्त वर्ष में अधिकतम 10 नई शाखाएं ही खोली जा सकेंगी। इससे ऐसे बैंकों को नए इलाकों में तेजी से पहुंच बनाने और ज्यादा ग्राहकों तक अपनी सेवाएं पहुंचाने का मौका मिलेगा।

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शाखा विस्तार में लगने वाला समय कम होगा। बैंक अपनी कारोबारी जरूरत और स्थानीय मांग के अनुसार साल-दर-साल विस्तार की योजना बना सकेंगे।

इसके साथ ही मजबूत शहरी सहकारी बैंकों के लिए अनुसूचित बैंक का दर्जा हासिल करने का रास्ता भी आसान हुआ है। जो बैंक व्यवसाय संचालन से जुड़े तय मानदंड पूरे करते हैं और लगातार दो वर्षों तक टियर-3 श्रेणी के लिए निर्धारित न्यूनतम जमा मानक बनाए रखते हैं, वे भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल होने के पात्र हो सकते हैं।

यह कदम शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने के साथ उनकी पहुंच, विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने में भी मदद कर सकता है।

Jitendra