NEET UG Exam Reforms: Panel Proposes 1,000 Secure Test Centres, AI Surveillance and Stricter Measures Against Paper Leaks
नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ी के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की सिफारिश की गई है। शिक्षा मंत्रालय से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इनमें पेन-पेपर आधारित परीक्षाओं की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित करना प्रमुख है।
संसदीय समिति ने नीट यूजी, जेईई मेन, यूजीसी नेट और सीयूईटी जैसी प्रमुख परीक्षाओं का आयोजन करने वाली एनटीए की विश्वसनीयता और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने पर जोर दिया है। समिति ने उम्मीदवारों के लिए परीक्षा में प्रयासों की संख्या और आयु सीमा निर्धारित करने का सुझाव भी दिया है।
हर जिले में कम से कम एक सुरक्षित परीक्षा केंद्र
समिति ने देशभर में 1,000 सुरक्षित सरकारी कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र स्थापित करने की सिफारिश का समर्थन किया है। इसके तहत प्रत्येक जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई है।
पेपर लीक रोकने के लिए सख्त व्यवस्था
परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, मोबाइल जैमर और एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने की सिफारिश की गई है। इसके अतिरिक्त सुरक्षित प्रश्न बैंक विकसित करने और परीक्षा तिथि के नजदीक प्रश्नपत्र तैयार करने का सुझाव दिया गया है।
समिति ने ब्लैकलिस्टेड परीक्षा सेवा प्रदाताओं का राष्ट्रीय रजिस्टर बनाने की भी सिफारिश की है, ताकि प्रतिबंधित एजेंसियों को दोबारा परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी न मिल सके।


