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PACS भी करेंगे एयरलाइंस के टिकटों की बुकिंग  

पैक्स को 20 से अधिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। वे कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केंद्र सहित अन्य सेवाएं प्रदान करना शुरू कर चुके हैं। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से अभी पैक्स रेल टिकटों की बुकिंग कर रहे हैं। जल्द ही ये एयरलाइन टिकटों की भी बुकिंग कर सकेंगे। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यह जानकारी दी है।

Published: 17:07pm, 12 Feb 2025

प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पैक्स को 20 से अधिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। वे कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केंद्र सहित अन्य सेवाएं प्रदान करना शुरू कर चुके हैं। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से अभी पैक्स रेल टिकटों की बुकिंग कर रहे हैं। जल्द ही ये एयरलाइन टिकटों की भी बुकिंग कर सकेंगे। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यह जानकारी दी है।

‘सहकारी समितियों को सशक्‍त करने के लिए की गई और वर्तमान में की जा रही पहलें’ विषय पर केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमित शाह ने कहा कि कहा कि आज PACS रेलवे टिकटों की बुकिंग कर रहे हैं। जल्द ही एयरलाइंस टिकटों की बिक्री भी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद सबसे पहले राज्यों के साथ मिलकर प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) का डेटाबेस बनाने का काम किया गया और दो लाख PACS के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस विकसित करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब देश भर की सहकारी समितियों की क्षेत्रवार जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध है।

इसी तरह, PACS के कंप्यूटरीकरण के लिए कदम उठाये गये। आने वाले समय में देश की एक भी पंचायत ऐसी नहीं होगी जहां PACS उपलब्ध नहीं हों। PACS को व्यवहारिक बनाने के लिए बनाए गए बायलॉज को देश के लगभग सभी राज्यों ने अपनाया है। बैठक को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार का मानना है कि सहकारिता के माध्यम से रोजगार सृजन और ग्रामीण क्षेत्र की समृद्धि दोनों संभव है। सहकारिता मंत्रालय ने मौजूदा बजट सत्र में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के गठन के लिए विधेयक पेश किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही यह संसद से पारित होगा। इस विश्वविद्यालय के गठन से सहकारी क्षेत्र में आने वाले पेशेवरों को तकनीकी शिक्षा, अकाउंटिंग और प्रशासन संबंधी जानकारी और प्रशिक्षण मिलेगा। इससे सहकारी क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कोऑपरेटिव सेक्टर को कॉरपोरेट सेक्टर के समान ही अवसर उपलब्ध हों। सहकारिता मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय, रिजर्व बैंक और इनकम टैक्स विभाग के साथ मिलकर कॉरपोरेट सेक्टर और कोऑपरेटिव सेक्टर के लिए टैक्स संरचना को एकसमान बनाने के लिए कदम उठाये हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारिता क्षेत्र से जुड़े उद्यम कॉरपोरेट जगत के साथ स्पर्धा के साथ आगे बढ़ेंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करेंगे। देश में सहकारिता के विकास में क्षेत्रीय असमानता को देखते हुए सरकार सभी राज्यों में एक समान संतुलित विकास लाने के लिए विशेष कदम उठा रही है।

YuvaSahakar Team

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