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धर्मेंद्र प्रधान का ऐलान, कक्षा 6 से ही लागू होगी नई भाषा व्यवस्था

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि नई त्रिभाषा नीति चरणबद्ध तरीके से केवल कक्षा 6 से नए प्रवेश लेने वाले छात्रों पर लागू होगी

Published: 16:28pm, 26 Jun 2026

केंद्र सरकार ने नई त्रिभाषा नीति (Three Language Policy) को लेकर छात्रों और अभिभावकों की बड़ी चिंता दूर कर दी है। अब कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे विद्यार्थियों को बीच सत्र में भाषा बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। वे कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा तक उसी भाषा संयोजन के साथ पढ़ाई जारी रख सकेंगे, जिसे उन्होंने पहले से चुना हुआ है। यानी जिन छात्रों ने दो विदेशी भाषाओं का विकल्प चुना है, वे 10वीं तक उसी व्यवस्था में पढ़ाई करेंगे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि नई त्रिभाषा नीति चरणबद्ध तरीके से केवल कक्षा 6 से नए प्रवेश लेने वाले छात्रों पर लागू होगी। पहले से अध्ययनरत छात्रों को नई व्यवस्था अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। इस संबंध में सीबीएसई जल्द संशोधित दिशा-निर्देश जारी करेगा।

नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य होंगी। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुरानी व्यवस्था से नई व्यवस्था में बदलाव क्रमिक रूप से होगा, ताकि किसी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो।

शिक्षा मंत्री के अनुसार, देश के करीब 25 करोड़ स्कूली छात्रों में लगभग 90 प्रतिशत पहले से ही तीन भाषाएं पढ़ रहे हैं। सीबीएसई में भी 99 प्रतिशत छात्र दो भारतीय भाषाएं पढ़ते हैं। केवल 1.3 प्रतिशत छात्रों ने दो विदेशी भाषाओं का संयोजन चुना है और फिलहाल इन्हीं छात्रों को पुरानी व्यवस्था जारी रखने की अनुमति दी गई है।

सरकार ने यह भी कहा है कि 22 भारतीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी और स्कूलों में आवश्यक शिक्षक एवं संसाधन सुनिश्चित किए जाएंगे। इसके साथ ही कक्षा 6 से 8 तक हर वर्ष 110 घंटे का व्यावसायिक प्रशिक्षण अनिवार्य होगा तथा कक्षा 9 और 10 में कौशल विकास (स्किल एजुकेशन) को भी अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाएगा।

YuvaSahakar Desk