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भारत बना भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में निजी निवेश का सबसे पसंदीदा बाजार

यह रिपोर्ट एशिया-प्रशांत के 15 देशों में निवेश करने वाले 105 फंड मैनेजरों के सर्वे पर आधारित है

Published: 14:10pm, 26 Jun 2026

भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल निवेश के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है। विस्त्रा फंड सॉल्यूशंस और डील स्ट्रीट एशिया की संयुक्त रिपोर्ट ‘Vistra Friction Index 2026’ के अनुसार, निवेश अवसरों के मामले में भारत 0.78 अंक के साथ पहले स्थान पर है। यह स्कोर एपीएसी क्षेत्र के औसत 0.64 से काफी अधिक है। भारत के बाद जापान और चीन 0.72, सिंगापुर 0.71 तथा दक्षिण कोरिया 0.70 स्कोर के साथ क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।

यह रिपोर्ट एशिया-प्रशांत के 15 देशों में निवेश करने वाले 105 फंड मैनेजरों के सर्वे पर आधारित है। रिपोर्ट बताती है कि अब निवेशक केवल तेज आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि नियामकीय पारदर्शिता, कारोबार करने में आसानी, निवेश से बाहर निकलने की सुविधा, कर व्यवस्था और स्थानीय परिचालन की जटिलताओं को भी निवेश का प्रमुख आधार बना रहे हैं।

कारोबार संचालन की सहजता में सिंगापुर 0.32 के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद हांगकांग (0.33), न्यूजीलैंड (0.35) और ऑस्ट्रेलिया (0.36) का स्थान है। वहीं कंबोडिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों में नियामकीय अनिश्चितता और परिचालन संबंधी चुनौतियां अधिक पाई गईं। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां निवेश के अवसर भी बड़े हैं और परिचालन संबंधी बाधाएं भी अपेक्षाकृत कम हैं।

रिपोर्ट में फंड जुटाने की चुनौती भी सामने आई है। केवल 19.3% फंड मैनेजर ही एक वर्ष के भीतर नया फंड जुटाने में सफल रहे, जबकि 40% फंड मैनेजरों ने बताया कि उनके पुराने निवेशकों में से 40% से भी कम ने नए फंड में दोबारा निवेश किया। इसके बावजूद करीब 39% निवेशक अब स्थानीय साझेदारों के साथ काम करने, मजबूत स्थानीय टीम बनाने और नियामकीय अनुपालन को प्राथमिकता दे रहे हैं।

भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, विशाल उपभोक्ता बाजार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा विकास और अपेक्षाकृत बेहतर कारोबारी माहौल उसे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में निजी निवेश का सबसे भरोसेमंद और दीर्घकालिक गंतव्य बना रहा है।

YuvaSahakar Desk