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न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक पर लगा प्रतिबंध, RBI ने छह महीने के लिए बैंकिंग कारोबार रोका

आरबीआई ने कहा कि बैंक की मौजूदा कैश स्थिति को देखते हुए निर्देश दिया गया है कि वह जमाकर्ता के बचत बैंक या चालू खातों या किसी अन्य खाते से किसी भी राशि की निकासी की अनुमति न दे।

आरबीआई का कहना है कि यह बैंक की आर्थिक स्थिति को देखकर फैसला लिया गया है, ताकि बैंक आगे चलकर डूबे नहीं और लोगों के पैसे सेफ रहें


Published: 12:06pm, 14 Feb 2025

भारतीय रिजर्व बैंक (The Reserve Bank of India) ने मुंबई (Mumbai) स्थित न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) पर कई प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस प्रतिबंध के बाद इस बैंक के जरिये ट्रांजैक्शन नहीं हो पाएगा। RBI ने बैंक के नए लोन देने, डिपॉजिट लेने पर रोक लगाई है। न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर रिजर्व बैंक ने ये प्रतिबंध 6 महीने के लिए लगाए हैं।

क्यों लगाया है बैन ?

RBI ने बैंक की वर्तमान वित्तीय स्थिति और बढ़ते घाटे को देखते हुए यह कदम उठाया है। बैंक पिछले कुछ वर्षों से लगातार नुकसान झेल रहा था, और वित्त वर्ष 2023-24 में ₹22 करोड़ से अधिक का घाटा हुआ। इसके अलावा, बैंक की तरलता (Liquidity) की स्थिति कमजोर हो गई थी, जिससे ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे। आरबीआई को बैंक में हो रही अनियमितताओं के बारे में शिकायत मिली थी। इसकी आंतरिक जांच के बाद रिजर्व बैंक ने यह कदम उठाया है।

आरबीआई ने कहा कि बैंक की मौजूदा कैश स्थिति को देखते हुए निर्देश दिया गया है कि वह जमाकर्ता के बचत बैंक या चालू खातों या किसी अन्य खाते से किसी भी राशि की निकासी की अनुमति न दे। RBI ने आगे कहा कि 13 फरवरी 2025 को कारोबार बंद होने से, बैंक बिना पूर्व स्वीकृति के, कोई भी लोन और अग्रिम प्रदान या नवीनीकृत नहीं करेगा, कोई निवेश नहीं करेगा और नई जमाराशियां स्वीकार करने सहित कोई भी देयता नहीं लेगा।

आरबीआई के इस फैसले के बाद बैंक के डिपॉजिटर्स की मुसीबत बढ़ गई है. बैंक के खाताधारक अपने खाते से पैसे भी नहीं निकाल सकेंगे. आरबीआई ने फिलहाल छह महीने के लिए बैंक पर ये प्रतिबंध लगाया है और इस दौरान बैंक के हालात को सुधारने की कोशिश की जाएगी। छह महीने के बाद आरबीआई बैन के फैसले को रिव्यू करेगा।

हालांकि बैंक कर्मचारियों के वेतन, किराए और बिजली के बिल जैसी कुछ आवश्यक मदों पर खर्च करने की इजाजत बैंक को दी गई है. आरबीआई ने कहा कि बैंक में हाल ही में हुए घटनाक्रमों से सुपरवाइजरी चिंताओं और बैंक के जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है. इसके अलावा, पात्रता रखने वाले डिपॉजिटर्स डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन  (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation ) से 5 लाख रुपये तक डिपॉजिट इंश्योरेंस क्लेम अमाउंट पाने के हकदार होंगे.

YuvaSahakar Desk

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