नई दिल्ली: नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत कारोबारी विस्तार दर्ज किया है। फेडरेशन का टर्नओवर 68.15 प्रतिशत बढ़कर ₹13,908.12 करोड़ पहुंच गया, जबकि कर पश्चात शुद्ध लाभ ₹180.13 करोड़ रहा। यह जानकारी 27 सितंबर को नई दिल्ली स्थित NCUI मुख्यालय में आयोजित NCCF की 56वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में साझा की गई।
बैठक में फेडरेशन के वित्तीय प्रदर्शन, किसान हितैषी योजनाओं और उपभोक्ता केंद्रित पहलों की समीक्षा की गई। NCCF चेयरमैन विशाल सिंह ने कहा कि फेडरेशन किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, उचित मूल्य सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं तक आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पारदर्शी खरीद प्रक्रिया, तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म और प्रभावी आपूर्ति श्रृंखला को NCCF की कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा बताया।
NCCF की प्रबंध निदेशक एनीस जोसेफ चंद्रा ने कहा कि फेडरेशन सहकारिता के सिद्धांतों को किसानों और उपभोक्ताओं के लिए वास्तविक लाभ में बदलने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने खरीद, वितरण और रिटेल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डिजिटल सिस्टम और बेहतर आपूर्ति नेटवर्क पर जोर दिया।
वर्ष 2025-26 में किसान केंद्रित खरीद NCCF की प्रमुख गतिविधियों में रही। मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत फेडरेशन ने 10 राज्यों में 21.94 लाख मीट्रिक टन दालों और तिलहनों की खरीद की, जिसकी कुल कीमत ₹15,403.65 करोड़ रही। इससे 5.54 लाख किसानों को लाभ मिला, जिसमें 2.10 लाख महिला किसान और 56,361 SC/ST किसान शामिल रहे।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 108 केंद्रों के माध्यम से 2.85 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, जिससे लगभग 19,700 किसान लाभान्वित हुए। खरीफ विपणन सत्र 2025-26 में तमिलनाडु और उत्तराखंड से 5.14 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिसकी कीमत लगभग ₹1,284.5 करोड़ रही।
भारत ब्रांड पहल के तहत NCCF ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 1.3 लाख मीट्रिक टन वस्तुओं की बिक्री की। मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत रबी 2025 में महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से 1,42,590.93 मीट्रिक टन प्याज की खरीद की गई, जिससे 5,170 किसानों को सीधा लाभ मिला।
NCCF की JANAH रिटेल पहल के तहत जुलाई 2025 से 14 शहरों में 34 आउटलेट स्थापित किए गए, जिनसे ₹1.32 करोड़ का कारोबार हुआ। इन केंद्रों पर PACS, FPO, महिला स्वयं सहायता समूहों और जनजातीय समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
फेडरेशन विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना में प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कंसल्टेंट के रूप में भी कार्य कर रहा है। वर्ष 2025-26 में NCCF को 1,500 गोदामों के निर्माण का लक्ष्य सौंपा गया।
महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए NCCF ने विशेष पहल की है। 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में मनाए जाने के मद्देनजर फेडरेशन ने 337 महिला किसानों को ₹10,000 प्रति किसान बोनस प्रदान किया।
NCCF डिजिटल परिवर्तन और पेशेवर प्रबंधन की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। e-Samyukti पोर्टल, HRMS और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है। फेडरेशन का लक्ष्य किसान खरीद, भारत ब्रांड, JANAH रिटेल और सहकारी ढांचे को और मजबूत करना है।


