नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया लिमिटेड (NACOF) ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। नई दिल्ली में 26 सितंबर को आयोजित फेडरेशन की वार्षिक आम बैठक (AGM) में घोषित आंकड़ों के अनुसार, NACOF ने ₹2,456 करोड़ का राजस्व हासिल किया, जबकि ₹14.89 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया। इस अवसर पर सदस्य सहकारी समितियों के लिए 12 प्रतिशत लाभांश की घोषणा भी की गई।
फेडरेशन ने बताया कि यह उपलब्धि बिना किसी सरकारी वित्तीय सहायता के हासिल की गई है। NACOF ने अपने संचालन को आत्मनिर्भर कारोबारी मॉडल के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। हालांकि, संस्था केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (Central Registrar of Cooperative Societies) के नियामकीय ढांचे के तहत कार्य करती है।
कृषि खरीद, प्रसंस्करण और वितरण क्षेत्र में सक्रिय NACOF अब अपने कारोबार का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने की योजना बना रही है। फेडरेशन बांग्लादेश, ईरान, रूस और चिली सहित अन्य विदेशी बाजारों में सहकारी साझेदारी और व्यावसायिक अवसरों की तलाश कर रहा है। इसके अलावा दुबई और अन्य वैश्विक बाजारों में भी संभावनाएं तलाशने की दिशा में काम किया जा रहा है।
NACOF का लक्ष्य अपने व्यापक सहकारी नेटवर्क का उपयोग करते हुए विदेशी संस्थाओं के साथ व्यापारिक संबंध विकसित करना और भारतीय सहकारी क्षेत्र के लिए नए अवसर तैयार करना है। इसके तहत सदस्य सहकारी समितियों को भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए कारोबारी अवसरों की पहचान करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
फेडरेशन ने संयुक्त उपक्रम (Joint Venture), खरीद व्यवस्था, रिटेल विस्तार और नई वैल्यू चेन गतिविधियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। NACOF का कहना है कि अब केवल समझौते करने के बजाय उन्हें वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों में बदलने पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
बहु-राज्य सहकारी संस्था के रूप में NACOF देशभर में कृषि उत्पादों की खरीद, प्रसंस्करण और वितरण का काम करती है। फेडरेशन के पास भारत में 25 शाखाओं का नेटवर्क है, जिसके माध्यम से यह किसानों और सहकारी संस्थाओं को बाजार से जोड़ने का कार्य कर रही है।


