मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि वर्ष 2027 से मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC की राज्य सेवा परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सरकारी सेवाओं में चयन के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
अब तक MPPSC राज्य सेवा परीक्षा सामान्य तौर पर वर्ष में एक बार आयोजित की जाती रही है। ऐसे में किसी कारण से परीक्षा में शामिल न हो पाने, कम अंक आने या चयन से चूक जाने वाले अभ्यर्थियों को अगली परीक्षा के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीदवारों को एक ही वर्ष में दो बार परीक्षा देने का अवसर मिल सकेगा।
इससे तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भर्ती चक्र तेज होने की उम्मीद है। साथ ही राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में खाली पदों को समय पर भरने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि परीक्षा कैलेंडर, आवेदन प्रक्रिया, पदों की संख्या और दोनों परीक्षाओं के बीच अंतराल से जुड़ी विस्तृत जानकारी MPPSC की ओर से बाद में जारी की जाएगी।
राज्य सेवा परीक्षा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, वाणिज्यिक कर अधिकारी सहित विभिन्न प्रशासनिक पदों पर भर्ती की जाती है। ऐसे में साल में दो बार परीक्षा आयोजित होने से बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्रों को लाभ मिलने की संभावना है।
सरकार के इस फैसले से परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को अधिक अवसर मिलने के साथ भर्ती प्रक्रिया को नियमित और तेज बनाने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।


