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मराठे ने सहकार भारती स्थापना दिवस पर श्रद्धाजंलि अर्पित की

इस अवसर पर सतीश मराठे ने सहकार भारती के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय अधिवक्ता माधवराव गोडबोले, जिन्होंने संगठन की परिकल्पना की थी, को श्रद्धांजलि अर्पित की

Published: 16:03pm, 12 Jan 2026

सहकार भारती के स्थापना दिवस के अवसर पर संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक सतीश मराठे ने इसके गठन और विकास की यात्रा को याद किया। उन्होंने बताया कि इसी दिन वर्ष 1979 में सहकार भारती का औपचारिक रूप से मुंबई में पंजीकरण किया गया था।

मराठे ने कहा कि इससे पहले 1978 में अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर पुणे में सहकार क्षेत्र से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं की एक छोटी बैठक हुई थी, जिसमें सहकार भारती के गठन का निर्णय लिया गया। उसी निर्णय के परिणामस्वरूप अगले वर्ष संगठन का औपचारिक पंजीकरण हुआ।

उन्होंने संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहकार भारती आज सहकारी क्षेत्र की एकमात्र और सबसे बड़ी अखिल भारतीय संस्था के रूप में स्थापित हो चुकी है, जिसने देशभर में सहकार आंदोलन को नई दिशा दी है।

इस अवसर पर सतीश मराठे ने सहकार भारती के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय अधिवक्ता माधवराव गोडबोले जिन्होंने संगठन की परिकल्पना की थी, को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उन्होंने संगठन के मार्गदर्शक स्वर्गीय माननीय लक्ष्मणराव इनामदार और स्वर्गीय माननीय शिवरायजी तेलंग, दोनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के योगदान को भी स्मरण किया।

मराठे ने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों के मार्गदर्शन में सहकार भारती ने “बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार” के मूल मंत्र के साथ एक मजबूत, गैर-राजनीतिक और मूल्य-आधारित सहकारी संगठन के रूप में अपनी पहचान बनाई।

Diksha

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