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NFCSF अवॉर्ड्स में महाराष्ट्र का दबदबा, 21 पुरस्कारों के साथ शीर्ष पर

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के नेशनल एफिशिएंसी अवॉर्ड्स और शुगर एंड बायो-एनर्जी कॉन्क्लेव में देश की उत्कृष्ट सहकारी चीनी मिलों को सम्मानित किया गया।

Maharashtra Leads Cooperative Sugar Sector Awards, Uttar Pradesh and Gujarat Follow with Eight Each


Published: 11:29am, 23 Sep 2026

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के नेशनल एफिशिएंसी अवॉर्ड्स और शुगर एंड बायो-एनर्जी कॉन्क्लेव में देश की उत्कृष्ट सहकारी चीनी मिलों को सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम का प्रमुख फोकस सहकारी चीनी मिलों को पारंपरिक चीनी उत्पादन से आगे बढ़ाकर इथेनॉल, बायो-CNG और दूसरे हरित ईंधनों के उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने पर रहा। आयोजन के एजेंडे में इथेनॉल, बायो-CNG, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, ग्रीन हाइड्रोजन, ऑटोमेशन, AI और आधुनिक गन्ना उत्पादन तकनीक प्रमुख विषय रहे।

कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। चीनी और बायो-एनर्जी क्षेत्र को लेकर नितिन गडकरी लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था को केवल चीनी तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। जल दक्ष गन्ना खेती के साथ इथेनॉल और टिकाऊ बायो-एनर्जी का विस्तार किसानों की आय, ग्रामीण औद्योगिक विकास और देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। उन्होंने जल संरक्षण और गन्ने की खेती में अधिक दक्ष सिंचाई पद्धतियों को बायो-एनर्जी विस्तार के साथ जोड़ने पर भी जोर दिया है।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने, खेती की लागत घटाने, बेहतर शुगर रिकवरी, मशीनीकरण और कम पानी में बेहतर उत्पादन को प्राथमिकता देने की बात करते रहे हैं। उन्होंने गन्ने से पारंपरिक उत्पादों के अलावा अधिक मूल्य वाले उत्पाद विकसित करने और इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने की संभावनाओं पर शोध बढ़ाने की आवश्यकता बताई है।

नेशनल एफिशिएंसी अवॉर्ड्स में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए महाराष्ट्र ने सर्वाधिक 21 पुरस्कार हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश और गुजरात ने 8-8 पुरस्कार जीते। कुल 57 पुरस्कारों के लिए 2024-25 में 88 और 2025-26 में 102 सहकारी चीनी मिलों ने भाग लिया।

सीजन 2025-26 में सोलापुर की कर्मयोगी सुधाकरपंत परिचारक पांडुरंग सहकारी चीनी मिल को सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल चुना गया जबकि सांगली की क्रांतिअग्रणी डॉ. जी. डी. बापू लाड सहकारी चीनी मिल ने वसंतदादा पाटिल पुरस्कार हासिल किया। छत्तीसगढ़ की भोरमदेव चीनी मिल ने भी लगातार दूसरे वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल किया।

कॉन्क्लेव का संदेश स्पष्ट रहा कि भविष्य की चीनी मिल केवल शक्कर उत्पादन की इकाई नहीं बल्कि किसान, सहकारिता, तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा को जोड़ने वाला एकीकृत बायो-एनर्जी हब बन सकती है।

Jitendra