भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड (कृभको) देशभर में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चला रही है। पीएम प्रणाम संगोष्ठी के अंतर्गत ‘उर्वरक की पाठशाला’ पहल के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में किसान सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों के उचित एवं संतुलित इस्तेमाल की जानकारी देना है, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखते हुए कृषि उत्पादकता में सुधार किया जा सके।
कृभको की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों में किसानों को बताया जा रहा है कि रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक या असंतुलित उपयोग लंबे समय में मिट्टी की गुणवत्ता और कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए पोषक तत्वों के संतुलित प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
किसान सभाओं के माध्यम से कृभको सीधे ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों से संवाद कर रही है। इनमें उर्वरकों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
‘उर्वरक की पाठशाला’ का उद्देश्य किसानों को सही जानकारी उपलब्ध कराकर खेती की लागत के बेहतर प्रबंधन, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता को बढ़ावा देना है।


