सहकार भारती की गुजरात इकाई ने सहकारी क्रेडिट संस्थाओं को तेजी से बढ़ते स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से जोड़ने की दिशा में नई पहल की है। अहमदाबाद स्थित iHub में सहकारी क्रेडिट सोसायटियों के प्रतिनिधियों के लिए विशेष प्रशिक्षण और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का फोकस टेक्नोलॉजी अपनाने, इनोवेशन, प्रोफेशनल मैनेजमेंट और सहकारी संस्थाओं तथा स्टार्टअप्स के बीच संभावित साझेदारी पर रहा। गुजरात की विभिन्न क्रेडिट सोसायटियों के प्रतिनिधियों ने चर्चा की कि सहकारी संस्थाओं की जमीनी पहुंच और सदस्य आधारित नेटवर्क को स्टार्टअप्स की तकनीकी क्षमता और नवाचार के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ऑटोमेशन, फिनटेक साझेदारी और बेहतर प्रबंधन अब सहकारी वित्तीय संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बन रहे हैं। इसी संदर्भ में प्रतिभागियों ने उन तकनीकी समाधानों पर विचार किया, जो परिचालन दक्षता बढ़ाने, सेवाओं को आधुनिक बनाने और बदलती जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
चर्चा में यह भी सामने आया कि सहकारी क्षेत्र का व्यापक ग्रामीण और स्थानीय नेटवर्क स्टार्टअप्स के लिए नए समाधान विकसित करने, परीक्षण करने और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने का अवसर दे सकता है।
iHub के CEO Hiren Mahanta और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों से संवाद किया। सहकार भारती गुजरात प्रदेश मंत्री Jalpa Jain ने कहा कि सहकारी संस्थाओं का भरोसा और जमीनी जुड़ाव, स्टार्टअप्स की तकनीक और नए विचारों के साथ मिलकर मजबूत मॉडल बना सकता है।
कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी Jivanbhai Gole, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य Hareshbhai Borisagar, NCUI Director Nakul Kandu और ICA Youth President Harsh Sanghani भी मौजूद रहे। समापन सत्र में “Sahakar Se Navachar” के तहत सहकारिता और नवाचार के बीच मजबूत संस्थागत संबंध विकसित करने पर जोर दिया गया।


