पश्चिम बंगाल में सहकारी क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी ने की। इसमें विभिन्न राष्ट्रीय संस्थाओं और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य में चल रही योजनाओं की स्थिति और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की।
बैठक में NABARD, NDDB, NFDB, FCI, NCCF और NAFED के प्रतिनिधियों ने विभिन्न पहलों की प्रगति प्रस्तुत की। समीक्षा के प्रमुख बिंदुओं में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी PACS का कम्प्यूटरीकरण, 2 लाख नई बहुउद्देशीय PACS, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों का गठन, विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण और सहकारी उपभोक्ता स्टोर शामिल रहे।
इसके अलावा सहकारी संस्थाओं के जरिए उर्वरक कारोबार, जन औषधि केंद्र, ई-सेवाएं, बीज वितरण, जैविक उत्पाद, निर्यात और वित्तीय सेवाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने अगले तीन और छह महीने के लिए कार्रवाई योजनाओं की समीक्षा की और मार्च 2027 तक तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रचार और क्रियान्वयन रणनीति पर जोर दिया।
बैठक का प्रमुख फोकस PACS और अन्य सहकारी संस्थाओं की आर्थिक गतिविधियों का दायरा पारंपरिक ऋण वितरण से आगे बढ़ाने पर रहा। इसके तहत सहकारी समितियों को कृषि इनपुट, भंडारण, खुदरा कारोबार, स्वास्थ्य सेवाओं, डेयरी, मत्स्य, बीज और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
यह समीक्षा सहकारिता मंत्रालय के ‘सहकार से समृद्धि’ दृष्टिकोण के तहत राज्य स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करने की व्यापक कवायद का हिस्सा है। अटल अक्षय ऊर्जा भवन सहकारिता मंत्रालय का मुख्यालय है।
मार्च 2027 की समयसीमा को देखते हुए अब जोर योजनाओं की स्वीकृति से आगे बढ़कर जमीनी क्रियान्वयन, संस्थागत समन्वय और सहकारी समितियों के कारोबार विस्तार पर रहेगा।


