राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉनफेड) की 41वीं वार्षिक आम बैठक सहकार भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कॉनफेड प्रशासक एवं सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने की। बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय और व्यावसायिक प्रदर्शन की समीक्षा के साथ उपभोक्ता सेवाओं के विस्तार तथा संचालन क्षमता को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
वित्त वर्ष 2025-26 में कॉनफेड ने कुल 946.67 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया, जबकि 16.63 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। बैठक में सदस्य संस्थाओं ने राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत करीब 265 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा अधिक प्रशासनिक शुल्क और तृतीय-पक्ष प्रशासकों की आपत्तियों के कारण भुगतान में हो रही देरी पर भी चिंता जताई गई।
डॉ. समित शर्मा ने वित्त विभाग और राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना से जुड़े अधिकारियों को इन मुद्दों की समीक्षा कर शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित भुगतान और प्रक्रियागत अड़चनों को दूर करने पर जोर दिया, ताकि कॉनफेड और उससे जुड़ी संस्थाओं के परिचालन पर दबाव कम किया जा सके।
बैठक में कारोबार विस्तार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इनमें प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों का विस्तार, दवाओं की घर तक आपूर्ति के लिए ई-सहकारी फार्मेसी शुरू करना और श्री अन्न बिक्री केंद्रों की संख्या बढ़ाना शामिल है।
इन पहलों के जरिए कॉनफेड दवा वितरण, किफायती स्वास्थ्य सेवाओं और मोटे अनाज की खुदरा उपलब्धता में अपनी भूमिका बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। बैठक में उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और नई व्यावसायिक गतिविधियों के जरिए संगठन के राजस्व आधार का विस्तार करने पर भी चर्चा हुई।
41वीं वार्षिक आम बैठक में सामने आई रणनीति से संकेत मिलता है कि कॉनफेड अब पारंपरिक सहकारी उपभोक्ता कारोबार के साथ डिजिटल और सेवा-आधारित क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर फोकस कर रहा है।


