गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य के 18 हजार गांवों में महिलाओं द्वारा संचालित अमूल मिल्क पार्लर स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। इस पहल से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को डेयरी व्यवसाय के माध्यम से रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस योजना को लागू करने के लिए गुजरात आजीविका संवर्धन कंपनी (GLPC) और अमूल के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अमूल के स्थापित बाजार नेटवर्क से जोड़कर स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने नवरात्रि से पहले राजकोट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस पहल की घोषणा की। कार्यक्रम में महिलाओं को अमूल मिल्क पार्लर के आवंटन पत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। डेयरी क्षेत्र से जुड़े समूहों को कुल 40 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि गुजरात में अब तक 8.5 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डेयरी कारोबार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करना और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करना है।


