केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भोपाल में आयोजित गौपालक सम्मेलन में सहकारी डेयरी मॉडल को ग्रामीण आय बढ़ाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और पशुपालन क्षेत्र को संगठित बाजार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बताया।
शाह ने कहा कि सहकारी ढांचा पशुपालकों को खुले बाजार और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है। दूध की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए मक्खन, घी, चीज, आइसक्रीम और मावा जैसे उत्पाद बनाकर किसानों और पशुपालकों को बेहतर आय दिलाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि देश में दूध उत्पादन 2014-15 के करीब 14.60 करोड़ टन से बढ़कर लगभग 24.80 करोड़ टन हो गया है। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी 307 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 485 ग्राम तक पहुंची है। डेयरी निर्यात करीब 4,666 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात भी कही गई।
व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0 के तहत देशभर में 75,000 नई सहकारी डेयरियां स्थापित करने और 46,000 मौजूदा डेयरियों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। मध्य प्रदेश में भी इस विस्तार का बड़ा हिस्सा आने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने दैनिक दूध खरीद 12 लाख किलो से बढ़ाकर 52 लाख किलो करने का लक्ष्य रखा है।
कार्यक्रम में नस्ल सुधार, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन तकनीक और स्वदेशी नस्लों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। गोबर आधारित अर्थव्यवस्था को स्वच्छ ऊर्जा, पोषक तत्व पुनर्चक्रण और ग्रामीण रोजगार से जोड़ने के लिए तकनीकी मॉडल विकसित किए गए हैं।


