भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलगरी (यूकैलगरी) के साथ संयुक्त डॉक्टोरल डिग्री कार्यक्रम (जेडीडीपी) शुरू करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है।
कनाडा के कैलगरी में आयोजित एक समारोह के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत दोनों संस्थान मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में उच्चस्तरीय अनुसंधान को प्रोत्साहित करेंगे और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीकों के विकास पर काम करेंगे।
संयुक्त डॉक्टोरल डिग्री कार्यक्रम के अंतर्गत पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों का संयुक्त मार्गदर्शन मिलेगा। इसके अलावा छात्रों को अंतरविषयक अनुसंधान का अनुभव प्राप्त होगा और वे दोनों विश्वविद्यालयों की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं तथा शोध सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
इस सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा, सर्कुलर इकोनॉमी, जल एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन, महत्वपूर्ण खनिज और सेमीकंडक्टर से जुड़ी तकनीकें शामिल हैं। इन क्षेत्रों में संयुक्त शोध परियोजनाओं के माध्यम से व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
समझौते का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य शोध प्रस्तावों को उपयोगी तकनीकों में बदलना भी है। इसके लिए नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।
आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलगरी की यह साझेदारी भारत और कनाडा के बीच उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और वैश्विक स्तर पर अनुसंधान के नए अवसर मिलेंगे।


