भारत की प्रमुख सहकारी संस्था इफको ने 3 नवंबर 2026 से अपने डायमंड जुबली वर्ष की शुरुआत की। इसके साथ ही संस्था ने सहकारिता आंदोलन, उर्वरक उत्पादन, कृषि नवाचार और किसानों की समृद्धि के क्षेत्र में अपनी 60 वर्ष की यात्रा को चिह्नित किया।
3 नवंबर 1967 को केवल 57 सहकारी सदस्य समितियों के साथ स्थापित इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) आज वैश्विक उर्वरक उद्योग में एक प्रमुख नाम बन चुका है। डायमंड जुबली वर्ष के दौरान देशभर में 60 विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें किसान कल्याण, सहकारी विकास, तकनीकी नवाचार और ग्रामीण सशक्तिकरण पर जोर रहेगा।
इस अवसर पर इफको ने अपने संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष महाराजकुमार साहिब उदयभानसिंहजी नटवरसिंहजी जेठवा की प्रतिमाएं सभी उत्पादन इकाइयों और नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में स्थापित करने की घोषणा की।
इफको की औद्योगिक यात्रा 1975 में कलोल इकाई से शुरू हुई। इसके बाद कांडला, फूलपुर और आंवला इकाइयां स्थापित की गईं। संस्था ने नैनो उर्वरक क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाई और 2021 में नैनो यूरिया का देशव्यापी वितरण शुरू किया।
इफको अध्यक्ष दिलीप संघानी ने डायमंड जुबली को किसानों और सहकारिता आंदोलन की सेवा के 60 वर्षों का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। प्रबंध निदेशक के.जे. पटेल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सभी उत्पादन इकाइयां किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं। डायमंड जुबली के तहत किसान सम्मेलन, प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान और 60 किसान मीट आयोजित किए जाएंगे।


