भारत और इटली ने सहकारिता क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा की। इसमें श्रमिक स्वामित्व, सहकारी वित्तपोषण, सामाजिक सहकारी समितियों और किसानों के स्वामित्व वाले खाद्य ब्रांड जैसे विषय प्रमुख रहे।
यह चर्चा 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में हुई, जहां सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष भूटानी ने भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्तोली से मुलाकात की। भारत सहकार से समृद्धि के दृष्टिकोण के तहत अपने सहकारी आंदोलन को मजबूत करने और सहकारी आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर काम कर रहा है।
इटली के प्रतिनिधिमंडल में आर्थिक मामलों के काउंसलर डेविड कोलंबो और इटली दूतावास में प्रेस एवं मीडिया प्रमुख निकोला कक्कापाराडो शामिल थे। वहीं सहकारिता मंत्रालय की ओर से अतिरिक्त सचिव सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव आनंद कुमार झा और उप सचिव रमेश कुमार बैठक में मौजूद रहे।
बैठक में दोनों देशों के सहकारी आंदोलनों, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं में सहकारी संस्थाओं के योगदान तथा विशेषज्ञता और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
चर्चा के प्रमुख विषयों में श्रमिकों द्वारा व्यवसाय का स्वामित्व हासिल करना भी शामिल रहा। इस मॉडल के तहत कर्मचारी किसी व्यवसाय में हिस्सेदारी और स्वामित्व प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा सहकारी वित्तपोषण, सामाजिक सहकारी समितियों, सहकारी बैंकिंग, किसानों के स्वामित्व वाले खाद्य ब्रांड और उपभोक्ता सहकारी समितियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
दोनों देशों ने संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की और अनुभवों के आदान-प्रदान, उपलब्ध विशेषज्ञता साझा करने तथा नियमित संवाद बनाए रखने की इच्छा जताई।
इटली का सामाजिक सहकारी समितियों और सहकारी उद्यमों के क्षेत्र में अनुभव भारत के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इससे भारत को विभिन्न क्षेत्रों में सहकारी भागीदारी बढ़ाने और सामुदायिक आर्थिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए स्वामित्व के वैकल्पिक मॉडल, वित्तपोषण व्यवस्था और सहकारी विपणन के तरीकों को समझने का अवसर मिल सकता है।
मंत्रालय की ओर से जारी बैठक के विवरण में किसी विशेष समझौते या औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) की घोषणा नहीं की गई। हालांकि यह बातचीत दोनों देशों के बीच भविष्य में सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान का आधार तैयार कर सकती है।
भारत हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय सहकारी सहयोग का विस्तार कर रहा है। सहकारिता मंत्रालय ने जाम्बिया के लघु एवं मध्यम उद्यम विकास मंत्रालय के साथ सहकारी समितियों को बढ़ावा देने और दोनों देशों की सहकारी संस्थाओं के बीच व्यापारिक गठजोड़ विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
भारत ने सहकारिता के सिद्धांतों और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मंगोलिया के साथ भी समझौता किया है। इसमें शिक्षा, प्रशिक्षण, सूचना का आदान-प्रदान, निवेश, संयुक्त पहल और बाजार विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
वहीं सहकारी क्षेत्र के निर्यात को मजबूत करने के लिए स्थापित नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (एनसीईएल) ने सेनेगल के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन किया है। इसके अलावा इंडोनेशियाई कंपनियों के साथ भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं को तलाशने के लिए समझौता किया है।
इन पहलों के माध्यम से भारत अपनी सहकारी संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय बाजारों, संस्थानों और विशेषज्ञता से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। इटली के साथ हुई ताजा चर्चा में श्रमिक स्वामित्व, सामाजिक सहकारिता और किसान स्वामित्व वाले ब्रांड सहयोग के प्रमुख संभावित क्षेत्रों के रूप में सामने आए हैं।


