सहारा इंडिया की सहकारी समितियों में फंसी रकम के रिफंड का इंतजार कर रहे जमाकर्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। सहकारिता मंत्रालय ने रिफंड प्रक्रिया से जुड़ा अहम अपडेट जारी करते हुए बताया है कि अब पात्र जमाकर्ता तय सीमा तक नहीं, बल्कि अपनी पूरी जमा राशि के लिए दावा कर सकते हैं।
मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पहले लागू अधिकतम क्लेम सीमा को हटा दिया गया है। इससे उन जमाकर्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है, जिनकी जमा राशि पहले निर्धारित सीमा से अधिक थी।
रिफंड प्रक्रिया के दौरान तकनीकी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए तीन नए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। जमाकर्ता 011-44716198, 011-44716498 और 011-44716887 पर संपर्क कर आवेदन, दस्तावेज और पोर्टल से जुड़ी समस्याओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 तक पात्र जमाकर्ताओं को ₹9,585 करोड़ से अधिक की राशि उनके बैंक खातों में वापस की जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सहारा-सेबी रिफंड खाते से ₹10,000 करोड़ की राशि केंद्रीय सहकारी समिति रजिस्ट्रार (CRCS) को हस्तांतरित की गई थी। रिफंड प्रक्रिया की मौजूदा समयसीमा 31 दिसंबर 2026 तक है।
जिन जमाकर्ताओं ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से दावा कर सकते हैं। इसके लिए आधार से जुड़ी जानकारी, बैंक खाते का विवरण और जमा राशि से संबंधित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
जिन निवेशकों का क्लेम पहले किसी कारण से रिजेक्ट हो चुका है, वे भी ‘Resubmission Login’ के जरिए दोबारा आवेदन कर सकते हैं। उन्हें अपने आवेदन में आवश्यक सुधार कर सही दस्तावेजों के साथ दावा फिर से जमा करना होगा। सरकार के इस कदम से लंबे समय से रिफंड का इंतजार कर रहे जमाकर्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


