केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के अलवर में 6,453 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर अलवर में सरस डेयरी के 3 लाख लीटर दूध प्रोसेसिंग प्लांट का भूमिपूजन हुआ। साथ ही 274 करोड़ रुपये की लागत से भीलवाड़ा, जयपुर, पाली और राजसमंद में सरस डेयरी के चार प्लांट शुरू किए गए। इसके साथ-साथ, फलोदी, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और प्रतापगढ़ में चार जिला बैंक की भी शुरुआत की गई। इन सभी बैंकों से शून्य प्रतिशत ब्याज वाला ऋण किसानों को मिलेगा।
इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि अगर हमें 2047 में भारत को पूर्ण विकसित बनाना है तो युवा, गरीब, अन्नदाता और महिला को सशक्त करना होगा। किसानों को किसान सम्मान निधि, पशुपालकों के लिए 500 करोड़ रुपये की डेयरी व्यवस्थाएं, युवाओं को नौकरी और माताओं-बहनों के लिए सरस डेयरी के विस्तार का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि अलवर में 3 लाख लीटर दूध प्रोसेसिंग प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। जल्द ही इसकी क्षमता बढ़ाकर 5 लाख लीटर कर दी जाएगी। जब 5 लाख लीटर दूध रोजाना गरीब पशुपालक से डेयरी में जाता है और उनके बैंक अकाउंट में पैसा आता है, उससे पूरे परिवार का भाग्य बदलता है।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता और डेयरी क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, गरीब पशुपालक के जीवन को बदलने और उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए अनेक संभावनाओं के द्वार खोलने की भरपूर क्षमता हैं। हम ज्यादा दूध देने वाली गाय और भैंस की नस्ल को अलवर सहित पूरे राजस्थान के हर घर में पहुंचाना चाहते हैं। आने वाले दिनों में दूध के उत्पाद के निर्यात की भी संभावनाएं पैदा होंगी।
रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में डीबीटी के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का 152 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 67 लाख किसानों को 1,000 रुपये प्रति किसान की दर से 667 करोड़ रुपये से अधिक दिए गए। इसके साथ-साथ, कुल 6453 करोड़ रूपए की लागत वाले 954 कामों का भी शिलान्यास और भूमिपूजन हुआ है। चित्तौड़गढ़ में 5500 करोड़ रुपये के कामों की शुरूआत हुई।
वर्तमान में राजस्थान में 44,000 सहकारी समितियां हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि राज्य में एक भी गांव ऐसा न रहे जहां कोऑपरेटिव न हो। 50 नए गोदाम 2026-27 में बनने हैं। साथ ही 100 टन के 62 और 500 टन के 100 गोदाम पूर्ण हो चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य सहकारिता मंत्रालय के माध्यम से देश के हर गांव को समृद्ध करने का है। सहकार से समृद्धि का सहकारिता का जो मंत्र प्रधानमंत्री ने दिया है, उसे चरितार्थ करते हुए हम हर गांव को समृद्ध बनाएंगे।


