राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने UGC NET जून 2026 परीक्षा के तीन विषयों अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। इन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की त्रुटियों की शिकायतें मिलने के बाद एजेंसी ने यह निर्णय लिया है। हालांकि, NTA ने स्पष्ट किया है कि इन तीन विषयों की पुनः परीक्षा का असर बाकी 84 विषयों के परिणाम पर नहीं पड़ेगा।
इन 84 विषयों के लिए जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) सीटों के आवंटन और असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता तथा PhD प्रवेश के लिए ई-सर्टिफिकेट जारी करने में भी देरी नहीं होगी।
प्रश्नपत्रों में मिलीं कई गंभीर त्रुटियां
NTA के अनुसार, अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई। समिति ने प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपोग्राफिकल और अनुवाद संबंधी कई त्रुटियां पाईं।
जांच में विद्वानों के नामों की गलत वर्तनी, पुस्तकों के गलत शीर्षक, प्रश्नों की भाषा और शब्दावली में खामियां, व्याकरण संबंधी गलतियां तथा विराम चिह्नों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। समिति ने निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने की सिफारिश की।
NTA ने कहा कि त्रुटियों की गंभीरता को देखते हुए केवल आपत्ति प्रक्रिया के बाद प्रश्नों को हटाकर समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता था। इसलिए तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है।
सितंबर में होगी UGC NET री–एग्जाम
अंग्रेजी विषय की पुनः परीक्षा 9 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसी दिन कॉमर्स की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। समाजशास्त्र की पुनः परीक्षा 10 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी।
NTA ने स्पष्ट किया है कि पुनः परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। परीक्षा शहर, परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी अलग से आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
84 विषयों के परिणाम पर नहीं पड़ेगा असर
NTA ने कहा है कि तीन विषयों की पुनः परीक्षा आयोजित किए जाने के कारण जून 2026 में आयोजित UGC NET के बाकी 84 विषयों के परिणाम में देरी नहीं होगी। इन विषयों के लिए JRF सीटों का आवंटन और असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता तथा PhD प्रवेश के लिए ई-सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।
असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता के लिए 6 प्रतिशत का नियम
NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता के लिए क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों की संख्या जून 2026 की परीक्षा या पुनः परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या में से जो अधिक होगी, उसके 6 प्रतिशत के आधार पर तय की जाएगी।
इस फैसले के साथ NTA ने स्पष्ट किया है कि तीनों विषयों के उम्मीदवारों को समान अवसर देने और प्रश्नपत्रों की त्रुटियों से उत्पन्न असमानता को दूर करने के लिए पुनः परीक्षा कराई जा रही है।


