मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति के लिए 502 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि से प्रदेश के 20,456 निजी स्कूलों को लाभ मिलेगा, जबकि करीब 8.19 लाख विद्यार्थियों को इसका फायदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल की घोषणा की है।
जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को नरसिंहपुर जिले में सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि हस्तांतरित करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 45 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के नए भवन का उद्घाटन भी प्रस्तावित किया था। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियों के शामिल होने की उम्मीद थी।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को मिलेगा लाभ
RTE अधिनियम के तहत पात्र बच्चों को निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 8वीं तक निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान है। इसके अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार की ओर से संबंधित स्कूलों को की जाती है। यह राशि सीधे विद्यार्थियों के बजाय स्कूलों को दी जाती है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक कारणों से बच्चों की पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को कम करना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
2011 से अब तक 3,600 करोड़ रुपये से अधिक जारी
रिपोर्टों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में वर्ष 2011 से अब तक RTE के तहत फीस प्रतिपूर्ति के लिए 3,600 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए जा चुके हैं। इससे प्रदेश के 16.85 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला है।
सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय में आधुनिक सुविधाएं
नरसिंहपुर में नवनिर्मित शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के भवन को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां विद्यार्थियों के लिए आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, डिजिटल कक्षाएं, कंप्यूटर लैब और परिवहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
इन सुविधाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक कक्षा शिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के बेहतर अवसर प्रदान करना है।


