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सहकारी लोकपाल ने विश्वदीप्ति सोसायटी को लगाई फटकार, 1.24 करोड़ लौटाने का निर्देश

सहकारी लोकपाल आलोक अग्रवाल ने तमिलनाडु की विश्वदीप्ति मल्टी स्टेट एग्री कोऑपरेटिव सोसायटी को 1.24 करोड़ रुपये समेत ब्याज की राशि निवेशकों को तत्काल लौटाने का आदेश दिया है। निवेश पर भुगतान न करने और सुनवाई में अनुपस्थिति को देखते हुए सोसायटी पर कार्य निषेध और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Published: 14:17pm, 13 May 2025

सहकारी लोकपाल आलोक अग्रवाल ने तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित विश्वदीप्ति मल्टी स्टेट एग्री कोऑपरेटिव सोसायटी को कड़ा निर्देश जारी करते हुए छह शिकायतकर्ताओं को 1.24 करोड़ रुपये की जमा राशि और उस पर देय ब्याज तत्काल लौटाने का आदेश दिया है। यह राशि 5.25 लाख से 58.52 लाख रुपये के बीच की सावधि जमा (एफडी) में निवेश की गई थी, जिनकी परिपक्वता अवधि अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच पूरी हो चुकी थी।

शिकायतकर्ता फिलोमीना वर्गीज ने 12 एफडी में 58.52 लाख रुपये निवेश किए थे, जिनके बदले सोसायटी द्वारा दिए गए 47.08 लाख रुपये के तीन चेक बैंक में बाउंस हो गए। अन्य शिकायतकर्ताओं को भी या तो बाउंस चेक मिले या सोसायटी से कोई जवाब नहीं मिला। लोकपाल कार्यालय द्वारा मार्च 2025 में भेजे गए नोटिस “पता नहीं मिला” के कारण वापस लौट आए, जबकि ईमेल और फोन कॉल का भी कोई उत्तर नहीं दिया गया।

25 अप्रैल 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित सुनवाई में शिकायतकर्ता उपस्थित रहे, लेकिन सोसायटी का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। लोकपाल ने सोसायटी की इस गैर-जिम्मेदाराना और जानबूझकर की गई अनुपस्थिति की कड़ी निंदा की। आदेश में कहा गया कि सोसायटी पर तत्काल प्रभाव से कार्य करने पर प्रतिबंध लगाया जाता है।

लोकपाल ने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन न करने पर मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी एक्ट, 2002 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

YuvaSahakar Desk