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खेत बचाओ अभियान में मृदा स्वास्थ्य पर जोर

आईसीएआर–महात्मा गांधी एकीकृत कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-एमजीआईएफआरआई), मोतिहारी ने पूर्वी चंपारण के मेहसी प्रखंड के कोठिया हरिराम गांव में “खेत बचाओ अभियान 2026” के तहत किसान जागरूकता एवं क्षेत्रीय संवाद कार्यक्रम आयोजित किया

Published: 11:51am, 28 Oct 2026

आईसीएआर–महात्मा गांधी एकीकृत कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-एमजीआईएफआरआई), मोतिहारी ने पूर्वी चंपारण के मेहसी प्रखंड के कोठिया हरिराम गांव में “खेत बचाओ अभियान 2026” के तहत किसान जागरूकता एवं क्षेत्रीय संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में 29 किसानों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण, फसल विविधीकरण और आम-लीची के बागों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देना था। वैज्ञानिक डॉ. अमोल के. जाधव ने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उर्वरकों का असंतुलित और जरूरत से अधिक उपयोग खेती की लागत बढ़ाने के साथ मिट्टी में पोषक तत्वों का असंतुलन पैदा कर सकता है।

किसानों को फसल अवशेष, गिरी हुई पत्तियां, गोबर की खाद और कंपोस्ट जैसे स्थानीय जैविक संसाधनों के पुनर्चक्रण की जानकारी भी दी गई। इनका उपयोग मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाने, संरचना सुधारने और बाहरी संसाधनों पर निर्भरता कम करने में सहायक हो सकता है।

कार्यक्रम में आम और लीची के बागों में अंतरवर्तीय खेती तथा फसल विविधीकरण पर भी जोर दिया गया। किसानों को दलहनी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल अन्य फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि भूमि का बेहतर उपयोग हो और अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ें।अभियान के जरिए संस्थान किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद बढ़ाकर सतत, लाभकारी और जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित कर रहा है।

Jitendra