जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की ओर से प्रदान की जाने वाली जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्वानों, शोधकर्ताओं, लेखकों, पत्रकारों, कलाकारों और सिविल सेवकों को अपने रचनात्मक कार्यों एवं शोध को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है। इस फेलोशिप का उद्देश्य भारत से जुड़े महत्वपूर्ण समकालीन मुद्दों पर शोध, तकनीकी अध्ययन और नए विचारों को प्रोत्साहित करना है।
दो साल तक मिलेगी आर्थिक सहायता
जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप के तहत चयनित उम्मीदवारों को दो वर्ष तक प्रतिमाह एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त सचिवीय सहायता, यात्रा और अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए वास्तविक व्यय के आधार पर प्रतिवर्ष अधिकतम 75,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है।
भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं
फेलोशिप के लिए भारतीय नागरिक पात्र हैं। उम्मीदवारों में अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने की क्षमता और नए विचारों पर काम करने की इच्छा होनी चाहिए। आवेदक भारत में अपनी पसंद के किसी भी स्थान पर रहकर शोध या रचनात्मक कार्य कर सकते हैं। इस योजना में आयु संबंधी कोई प्रतिबंध नहीं है। इसका उद्देश्य अनुभवी विद्वानों और पेशेवरों को भी अपने ज्ञान को गहरा करने तथा देश के विकास में योगदान देने का अवसर प्रदान करना है।
विशेषज्ञ समिति करती है चयन
फेलोशिप के लिए उम्मीदवारों का चयन विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों वाली समिति करती है। चयन प्रक्रिया में उत्कृष्टता के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रतिनिधित्व देने पर भी जोर दिया जाता है।
1968 में प्रदान की गई थी पहली फेलोशिप
जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप की शुरुआत वर्ष 1968 में हुई थी। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 155 फेलोशिप प्रदान की जा चुकी हैं। यह योजना विज्ञान, मानविकी और अन्य क्षेत्रों में नवीन शोध एवं रचनात्मक कार्यों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डॉक्टरेट अध्ययन के लिए भी छात्रवृत्ति योजना
जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की ओर से डॉक्टरेट अध्ययन के लिए भी जवाहरलाल नेहरू छात्रवृत्ति योजना संचालित की जाती है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 1987 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी। प्रारंभ में इसे भारत और विदेश में स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप के नाम से शुरू किया गया था।
आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मार्च 1993 में इस योजना को शुरू करने की जिम्मेदारी जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड को सौंपी गई। इसके बाद विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया और वर्ष 1994 में इसे जवाहरलाल नेहरू स्कॉलरशिप फॉर डॉक्टोरल स्टडीज नाम से शुरू किया गया। इस योजना के लिए मंत्रालय की ओर से सात करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध कराई गई थी। योजना का संचालन इस राशि से प्राप्त ब्याज के माध्यम से किया जाता है।


