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वैश्विक बाजार में भारतीय प्याज की मांग पर मंडराया खतरा, चीन और पाकिस्तान ने मारी बाजी

भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में 307 लाख टन प्याज का उत्पादन किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में 64.88 लाख टन अधिक है

Published: 17:31pm, 30 Jun 2025

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय प्याज की मांग पर एक नया संकट आ खड़ा हुआ है। भारत सरकार ने घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दो वर्ष पहले निर्यात पर रोक लगा दी थी, जिससे पाकिस्तान, चीन और म्यांमार जैसे देशों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिल गया। अब भारत के स्थान पर इन देशों से प्याज की आपूर्ति होने लगी है, जिससे वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी कम हो रही है।

भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में 307 लाख टन प्याज का उत्पादन किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में 64.88 लाख टन अधिक है। 2023-24 में भारत ने 25.25 लाख टन प्याज का निर्यात किया था, जो प्रतिबंध लगने के कारण घटकर 17 लाख टन रह गया। इससे भारत का सबसे बड़ा आयातक देश बांग्लादेश भी अब स्वयं घरेलू उत्पादन करने लगा है।

इसके साथ ही, पाकिस्तानी प्याज की कीमत मात्र 170 डॉलर प्रति टन है, जबकि चीनी प्याज की कीमत 250 डॉलर प्रति टन है। ऐसे में भारतीय प्याज की कीमत 300 डॉलर प्रति टन होने के कारण प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो गया है। प्याज उत्पादन के मामले में भारत शीर्ष स्थान पर है, लेकिन वैश्विक बाजार में प्याज निर्यात के मामले में भारत पिछड़ गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत सरकार को तुरंत स्पष्ट निर्यात नीति बनानी चाहिए, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके और उनका उत्साह बढ़े। वैश्विक बाजार में भारत की उपस्थिति कम होने के कारण भारत को नए बाजार तलाशने चाहिए।

YuvaSahakar Desk