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50 मिनट इंतजार के बाद ऑर्डर कैंसिल, उपभोक्ता फोरम ने स्विगी पर लगाया 5 हजार रुपए का जुर्माना

यह फैसला न केवल उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि डिजिटल सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को भी रेखांकित करता है।

Published: 09:00am, 13 May 2025

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने स्विगी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 5,000 रुपये का हर्जाना लगाया है। फोरम की बेंच-1 ने यह फैसला ग्राहक अभिषेक नावरे की शिकायत पर सुनाया, जिन्हें स्विगी द्वारा ऑर्डर कैंसिल करने और सेवा में कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। यह निर्णय उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और ऑनलाइन सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अवधपुरी निवासी अभिषेक नावरे ने 8 जनवरी 2024 को स्विगी ऐप के माध्यम से एफ फॉर फ्राई रेस्टोरेंट से भोजन ऑर्डर किया था, जिसके लिए उन्होंने 371 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया। 50 मिनट तक इंतजार करने के बाद स्विगी ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनका ऑर्डर कैंसिल कर दिया। इसके अलावा, ऑनलाइन भुगतान की राशि रिफंड करने में भी तीन दिन की देरी की गई। इससे आहत होकर अभिषेक ने 14 मार्च 2024 को अपने वकील के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज की।

सुनवाई के दौरान स्विगी का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ, जिसे फोरम ने कंपनी की लापरवाही माना। फोरम ने माना कि स्विगी ने सेवा प्रदान करने में कमी बरती और ग्राहक को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा। फोरम ने स्विगी को 5,000 रुपये का हर्जाना और शिकायतकर्ता को रिफंड की गई राशि पर ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया।

यह निर्णय उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने और ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक मिसाल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अन्य ऑनलाइन सेवा प्रदाताओं के लिए भी एक चेतावनी है कि वे ग्राहक सेवा में लापरवाही से बचें। यह निर्णय न केवल अभिषेक नावरे के लिए न्याय सुनिश्चित करता है, बल्कि उन सभी उपभोक्ताओं के लिए एक मील का पत्थर है जो ऑनलाइन सेवाओं में कमी का सामना करते हैं।

YuvaSahakar Desk